राम मंदिर दानपेटी चोरी: केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह बोले — 'कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी में हुई चोरी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इसी क्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने रविवार, 28 जून को गोंडा में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा और जाँच प्रक्रिया जारी है।
मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, 'मंदिर के विषय पर हम केवल एक चीज का आश्वासन देना चाहते हैं कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। जाँच हो रही है, समय दीजिए। कोई भी दोषी जिसने आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उससे पूरा समाज बहुत आहत है। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।' उनके इस बयान को श्रद्धालुओं और राजनीतिक हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है।
कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर चुप्पी
जब मंत्री से कैलाश विजयवर्गीय के उस विवादित बयान पर प्रतिक्रिया माँगी गई — जिसमें उन्होंने कहा था कि 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में लोग बहुत हैं, लेकिन अच्छे लोगों की कमी है' — तो कीर्ति वर्धन सिंह ने उस पर टिप्पणी करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। यह संकेत देता है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर इस मुद्दे पर एकमत स्थिति अभी नहीं बनी है।
शशि थरूर के पासपोर्ट विवाद पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पासपोर्ट संबंधी बयान को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, 'यह कोई नई चीज नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस के जमाने से है। शशि थरूर पता नहीं क्या बोल रहे हैं।' गौरतलब है कि शुक्रवार को थरूर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए विदेश मंत्रालय के उस बयान पर सवाल उठाए थे, जिसमें कहा गया था कि भारतीय पासपोर्ट मुख्यतः एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का पक्का प्रमाण।
पासपोर्ट विवाद की पृष्ठभूमि
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने माँग की थी कि पासपोर्ट और आधार कार्ड — दोनों को भारतीय नागरिकता के वैधानिक प्रमाण के रूप में मान्यता दी जाए, जब तक कि इन्हें राज्य द्वारा रद्द या वापस न किया जाए। उनका कहना था कि विदेश मंत्रालय का यह बयान, विशेषकर 'पासपोर्ट सेवा दिवस' पर जारी होने के कारण, जनता में हैरानी और राजनीतिक बहस का कारण बना। यह मुद्दा अब संसदीय बहस का हिस्सा बन सकता है।
आगे क्या होगा
राम मंदिर दानपेटी चोरी मामले में जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं और अधिकारियों के अनुसार जल्द ही दोषियों की पहचान की जाएगी। केंद्रीय मंत्री के कड़े आश्वासन के बाद अब सभी की नज़रें जाँच के नतीजों पर टिकी हैं।