रामपुर में छह सरकारी वकीलों की सेवा समाप्त, आजम खान के मुकदमों से जुड़ा बड़ा फेरबदल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 जून 2026 को रामपुर के छह सरकारी वकीलों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया। इनमें वे अधिवक्ता भी शामिल हैं जो समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान के विरुद्ध चल रहे मुकदमों में सरकार की पैरवी कर रहे थे। रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय विभाग के निर्देश पर यह आदेश जारी किया।
किन वकीलों को किया गया कार्यमुक्त
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में जिन छह अधिवक्ताओं को सरकारी कार्यों से मुक्त किया गया है, उनके नाम हैं — अमित कुमार सक्सेना, संदीप सक्सेना, प्रमोद सागर, ओमप्रकाश लोधी, प्रताप सिंह मौर्य और अमित कुमार। इनमें अधिवक्ता संदीप सक्सेना भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक आकाश सक्सेना के बेहद करीबी माने जाते हैं।
बताया जा रहा है कि इन वकीलों को पदमुक्त करने के लिए राज्य सरकार के विशेष सचिव की ओर से पत्र जारी किए गए थे, जिसके बाद डीएम ने औपचारिक आदेश पारित किया।
राजनीतिक संदर्भ और अटकलें
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब विधानसभा चुनाव 2027 नज़दीक हैं। रामपुर में सपा नेता आजम खान, उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम और परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध अनेक मुकदमे लंबित हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि हाल के दिनों में अब्दुल्ला आजम को मिली कानूनी राहत इस फेरबदल के पीछे एक कारण हो सकती है — हालाँकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
गौरतलब है कि इस कार्रवाई के पीछे की मंशा को लेकर विभिन्न राजनीतिक व्याख्याएँ की जा रही हैं, परंतु अभी तक कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं हुआ है।
आजम खान पर मुकदमों की स्थिति
आजम खान और उनके परिवार के विरुद्ध मामलों की संख्या कथित तौर पर 150 से अधिक है। इनमें फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, शत्रु संपत्ति से जुड़े विवाद, हेट स्पीच, भूमि अतिक्रमण, डकैती और चोरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आजम खान पहले से ही कई मोर्चों पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
आगे क्या होगा
इन छह पदों पर नए सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फेरबदल का असर रामपुर में चल रहे उन मुकदमों की गति पर पड़ सकता है जिनमें ये वकील पैरवी कर रहे थे। राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम आने वाले महीनों में और अधिक महत्त्वपूर्ण हो सकता है।