रांची: रिम्स की सरकारी भूमि बेचने वाले भू-माफिया का भंडाफोड़, एसीबी ने चार को किया गिरफ्तार

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रांची: रिम्स की सरकारी भूमि बेचने वाले भू-माफिया का भंडाफोड़, एसीबी ने चार को किया गिरफ्तार

सारांश

रांची में रिम्स की अधिग्रहित भूमि को फर्जी दस्तावेजों से बेचने वाले भू-माफिया का भंडाफोड़ कर एसीबी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बड़े स्तर पर हुई है, जिससे राजधानी में भू-माफिया के बीच हड़कंप मच गया है।

Key Takeaways

  • रांची में रिम्स की अधिग्रहित भूमि की बिक्री में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
  • एसीबी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई से भू-माफिया में हड़कंप मचा।
  • झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है।
  • सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है।

रांची, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के प्रमुख सरकारी अस्पताल, रांची में स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की अधिग्रहित भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से बेचने वाले एक गिरोह का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पर्दाफाश किया है।

एसीबी की टीम ने मंगलवार को इस मामले में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर रैयतों की झूठी वंशावली बनाकर भूमि की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। एसीबी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची थाना कांड संख्या 1/2026 के तहत की गई है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में रांची के सदर थाना क्षेत्र के निवासी राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा और खूंटी जिले के तोरपा निवासी चैतन कुमार शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

एसीबी की जांच में यह सामने आया है कि इन व्यक्तियों ने आपसी मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहित भूमि को निजी संपत्ति के रूप में दिखाने के लिए झूठी वंशावली तैयार की थी। इस फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आरोपियों ने निजी आर्थिक लाभ के लिए सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की।

ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद यह गिरफ्तारी की गई है।

इस कार्रवाई के बाद राजधानी के भू-माफिया सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ-साथ इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश भी शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर पिछले महीने रिम्स की अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया था। इसी दौरान जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के मामलों का खुलासा हुआ था।

Point of View

बल्कि यह अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने किस मामले में कार्रवाई की?
एसीबी ने रांची में रिम्स की अधिग्रहित भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेची जा रही थी, जिसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा और चैतन कुमार शामिल हैं।
यह कार्रवाई किस कांड के तहत की गई?
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची थाना कांड संख्या 1/2026 के तहत की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का क्या महत्व है?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार को रोकना है।
क्या इस मामले में और भी आरोपी हैं?
हां, पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
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