बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा की तीखी प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान

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बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा की तीखी प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान

सारांश

पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार के लिए झारखंड भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा ने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान एक संवैधानिक मुद्दा है।
  • बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
  • लोकतंत्र में मर्यादा और सम्मान जरूरी हैं।
  • आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
  • इसकी राजनीतिक प्रभावों पर चर्चा होनी चाहिए।

रांची, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाने वाले झारखंड के कई भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि दार्जिलिंग में हुए 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति ऐसा रवैया प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और इससे आदिवासी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

मरांडी ने आगे कहा कि राजनीति अलग है, लेकिन राष्ट्र के सर्वोच्च पद और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान करना हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी, stating that संविधान की बात करने वाले लोगों द्वारा एक आदिवासी महिला के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद, आदिवासी समाज और भारत की गरिमा का अपमान है।

मुंडा ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मर्यादा और सम्मान की सीमाएं नहीं टूटनी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रपति पूरे राष्ट्र का प्रतीक होती हैं।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद समीर उरांव ने ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया है। उरांव ने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं और जनता इसका जवाब देगी।

Point of View

NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान का आरोप किसने लगाया?
झारखंड के भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान का आरोप लगाया।
बाबूलाल मरांडी का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए प्रोटोकॉल का उल्लंघन कहा।
अर्जुन मुंडा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
अर्जुन मुंडा ने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया और आदिवासी समाज का अपमान कहा।
समीर उरांव का क्या कहना है?
उरांव ने राष्ट्रपति मुर्मू को आदिवासी महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल बताया और अपमानजनक व्यवहार की निंदा की।
क्या इससे राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ेगा?
यह घटना राजनीतिक क्षमताओं और आदिवासी समाज की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
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