मदन राठौड़ का डोटासरा पर तीखा हमला: 'सोचते बाद में हैं, बोलते पहले हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 24 सितंबर 2026 को जयपुर में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वह 'सोचते बाद में हैं, बोलते पहले हैं।' राठौड़ ने डोटासरा के एसआईआर (SIR) और सत्ता के दुरुपयोग संबंधी आरोपों को 'विरोधाभासी' और 'दोहरे मापदंड' वाला करार दिया। साथ ही, BJP ने निकाय चुनाव की जीत के बाद 'मिशन 2028' की तैयारियाँ भी तेज़ कर दी हैं।
जीत के बाद 'मिशन 2028' की तैयारी
राठौड़ ने कहा कि BJP के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और जनता के आशीर्वाद से यह जीत संभव हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं द्वारा जारी संकल्प पत्र पर जनता ने भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, 'स्थानीय निकाय चुनाव में जीत हासिल करने वाले सदस्यों को इस बात का मार्गदर्शन मिलेगा कि वादों और घोषणाओं को कैसे पूरा करना है।'
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगामी दौरे को राठौड़ ने संकल्प पत्र के वादों को ज़मीन पर उतारने का रोडमैप बताया। राठौड़ के अनुसार, नितिन नवीन विजयी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करेंगे और आगे का मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि यह एक 'शानदार और भव्य कार्यक्रम' होगा, जिसे लेकर जनता और कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।
पार्षदों और विधायकों से होगी मुलाकात
राठौड़ ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के दौरान पार्षदों से 'बिल्कुल आत्मीयता के साथ' मुलाकात होगी। वे सांसदों और विधायकों से भी मिलेंगे, और पार्टी को और अधिक मज़बूत करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ पहले से ही शुरू हो गई हैं।
डोटासरा पर तीखा पलटवार
एसआईआर विवाद पर राठौड़ ने कड़े शब्दों में कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा 'हमेशा अच्छे शब्दों का प्रयोग नहीं करते, वे झूठे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े नेता और एक राजनीतिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होते हुए डोटासरा के शब्द उनके पद के अनुरूप नहीं हैं। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को भी सोचना चाहिए कि उनके नेता अपने स्तर को कितना गिरा रहे हैं।
राठौड़ ने डोटासरा पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने बच्चों और परिजनों को 'गलत तरीके से' प्रतिस्पर्धा में शामिल कराया। गौरतलब है कि डोटासरा ने निकाय चुनाव परिणामों पर एक तरफ अपनी पीठ थपथपाई और दूसरी तरफ सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया — जिसे राठौड़ ने सीधे विरोधाभास बताया।
विरोधाभास पर केंद्रित हमला
राठौड़ ने डोटासरा के दोहरे रुख पर सवाल उठाते हुए कहा, 'एक तरफ वह कहते हैं कि हमने उनका गढ़ जीत लिया और दूसरी तरफ आरोप लगाते हैं कि सत्ता का दुरुपयोग किया गया। अगर सत्ता का दुरुपयोग हुआ होता तो वह गढ़ कैसे जीत लेते, और अगर गढ़ जीत लिया तो सत्ता का दुरुपयोग कैसे हुआ?' राठौड़ ने इसे 'विरोधाभासी बयान' की श्रेणी में रखते हुए कहा कि 'वह सोचते बाद में हैं, बोलते पहले हैं।'
यह राजनीतिक टकराव राजस्थान की सत्ताधारी BJP और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के बीच निकाय चुनाव नतीजों के बाद बढ़ते वाक्-युद्ध का ताज़ा दौर है। आगे 2028 के चुनावों को देखते हुए यह राजनीतिक नोकझोंक और तीखी होने की संभावना है।