रवनीत सिंह बिट्टू ने नाबालिगों के कथित नशा सेवन का वीडियो शेयर कर AAP सरकार पर बोला हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 22 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कथित वीडियो साझा कर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। वीडियो में एक नाबालिग बच्चे को कथित तौर पर नशे का सेवन करते हुए दिखाया गया है, जिसे लेकर राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। कपूरथला के सुभानपुर क्षेत्र के 10 और 13 वर्ष के दो सगे भाइयों के कथित नशे की गिरफ्त में आने की यह घटना विपक्ष के लिए नया राजनीतिक हथियार बन गई है।
बिट्टू का आरोप और एक्स पर पोस्ट
बिट्टू ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, आम आदमी पार्टी सरकार की आपराधिक विफलता ने उन मासूम हाथों में जानलेवा नशा थमा दिया है।' उन्होंने इसे राज्य सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे संबोधित किया।
बिट्टू ने कहा, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान, सत्ता के नशे से बाहर आइए। आपकी सरकार की नाकामी और अनदेखी आज हमारे मासूम बच्चों की जिंदगियां निगल रही है।' यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हुई और राज्य में राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई।
सरकार के अभियान पर सवाल
बिट्टू ने पंजाब सरकार के 'नशों के विरुद्ध युद्ध' अभियान की भी कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए हैं और यह अभियान केवल विज्ञापनों और जनसंपर्क गतिविधियों तक सिमटकर रह गया है।
गौरतलब है कि AAP सरकार 2022 में सत्ता में आने के बाद से नशे के खिलाफ व्यापक मुहिम का दावा करती रही है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर नशे के प्रसार में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।
पृष्ठभूमि: झोटा हत्याकांड और बढ़ती संवेदनशीलता
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे का मुद्दा पहले से राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। हाल ही में नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद विपक्ष ने सरकार पर और तेज़ हमले बोले थे।
कांग्रेस और BJP दोनों ने उस समय सरकार पर आरोप लगाया था कि नशे के खिलाफ बोलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही। यह Nवीं ऐसी घटना है जिसने पंजाब में नशे की गहरी जड़ों को उजागर किया है।
विपक्ष की माँग और सरकार का रुख
विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रदेश में नशा तस्करी और उसके प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। कांग्रेस और BJP दोनों ने नशे की रोकथाम के लिए एक पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र की माँग की है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान जारी है और तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने बिट्टू के वीडियो की प्रामाणिकता पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या
बिट्टू के वायरल वीडियो के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष के दबाव और सोशल मीडिया पर बढ़ती प्रतिक्रिया को देखते हुए, पंजाब सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ेगा। कपूरथला घटना की स्वतंत्र जाँच और राज्य में नशे के खिलाफ ठोस नीतिगत कदमों की माँग आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।