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RBI का BPTP लिमिटेड पर FEMA उल्लंघन में कंपाउंडिंग आदेश, ₹4.84 करोड़ की राशि तय

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RBI का BPTP लिमिटेड पर FEMA उल्लंघन में कंपाउंडिंग आदेश, ₹4.84 करोड़ की राशि तय

सारांश

RBI ने रियल एस्टेट डेवलपर BPTP लिमिटेड और उसके दो निदेशकों पर FEMA उल्लंघन में ₹4.84 करोड़ की कंपाउंडिंग राशि तय की है। मामला 2007-08 के करीब ₹537.5 करोड़ के विदेशी निवेश में पुट ऑप्शन व निश्चित रिटर्न की शर्तों और परियोजना-निधि के दुरुपयोग से जुड़ा है।

मुख्य बातें

RBI ने 17 सितंबर 2026 को BPTP लिमिटेड और निदेशकों कबीर चावला व सुधांशु त्रिपाठी के खिलाफ FEMA उल्लंघन में कंपाउंडिंग आदेश जारी किया।
कंपनी ने ₹4.84 करोड़ की कंपाउंडिंग राशि चुकाने पर सहमति जताई।
मामला 2007-2008 में मॉरीशस स्थित दो कंपनियों से प्राप्त कुल करीब ₹537.5 करोड़ के FDI से जुड़ा है।
निवेश समझौतों में पुट ऑप्शन और निश्चित IRR की शर्तें शामिल थीं, जो तत्कालीन FEMA प्रावधानों के तहत अनुमत नहीं थीं।
BPTP ने करीब ₹320 करोड़ परियोजनाओं में लगाने की बजाय FD व म्यूचुअल फंड में निवेश किए — जिसे अलग FEMA उल्लंघन माना गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 17 सितंबर 2026 को रियल एस्टेट डेवलपर BPTP लिमिटेड और उसके दो निदेशकों — कबीर चावला तथा सुधांशु त्रिपाठी — के विरुद्ध विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के उल्लंघन के मामले में कंपाउंडिंग आदेश जारी किए। कंपनी ने 2007 और 2008 में हुए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लेनदेन से जुड़े इस मामले में ₹4.84 करोड़ की कंपाउंडिंग राशि चुकाने पर सहमति व्यक्त की है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह प्रकरण प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय द्वारा की गई जाँच से प्रकाश में आया। BPTP लिमिटेड — जिसे पहले बिज़नेस पार्क टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था — में मॉरीशस स्थित दो कंपनियों द्वारा किए गए विदेशी निवेश की पड़ताल की गई।

जाँच के अनुसार, सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड ने 21 अगस्त 2007 को कंपनी में करीब 7.767 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹322.5 करोड़) निवेश किए थे। इसके बाद हार्बर विक्टोरिया इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड ने 9 जुलाई 2008 को करीब 4.984 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹215 करोड़) का निवेश किया। इस प्रकार कुल विदेशी निवेश लगभग ₹537.5 करोड़ था।

उल्लंघन का स्वरूप

जाँच में पाया गया कि निवेश समझौतों में पुट ऑप्शन और निवेशकों को निश्चित आंतरिक रिटर्न (IRR) देने से संबंधित प्रावधान शामिल थे। उस समय FDI से जुड़े लागू FEMA प्रावधानों के अंतर्गत इस तरह की शर्तें अनुमत नहीं थीं।

ED के अनुसार, कंपनी ने ऑटोमैटिक रूट के तहत विदेशी निवेश हासिल किया, परंतु कथित तौर पर निवेशकों को स्वैप और पुट ऑप्शन व्यवस्था के माध्यम से सुनिश्चित रिटर्न देने की पेशकश की गई — जो विदेशी निवेशकों को शेयर जारी करने से संबंधित नियमों एवं विनियमों के विपरीत थी।

FD और म्यूचुअल फंड में धन लगाने का आरोप

जाँच में एक और उल्लंघन सामने आया। आरोपों के अनुसार, BPTP ने सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड से प्राप्त विदेशी निवेश में से करीब ₹320 करोड़ अपने घोषित प्रोजेक्ट्स में लगाने के बजाय फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड में निवेश किए। निवेश समझौते की शर्तों के अनुसार इस राशि का उपयोग कंपनी की परियोजनाओं में किया जाना था। FEMA के तहत इसे एक पृथक उल्लंघन के रूप में दर्ज किया गया।

RBI का आधिकारिक रुख

RBI ने अपने बयान में स्पष्ट किया: 'भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 सितंबर 2026 को FEMA, 1999 की धारा 15(1) तथा इसके तहत बनाए गए नियमों, विनियमों, अधिसूचनाओं और आदेशों के तहत BPTP लिमिटेड और उसके निदेशकों कबीर चावला तथा सुधांशु त्रिपाठी के मामले में कंपाउंडिंग आदेश जारी किए हैं।'

गौरतलब है कि कंपाउंडिंग प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्ष निर्धारित राशि चुकाकर अपने उल्लंघन का निपटान कर सकता है। यह FEMA उल्लंघन मामलों के समाधान का एक वैधानिक मार्ग है। आगे RBI द्वारा किए गए इस आदेश के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही वे FEMA के विरुद्ध थीं। करीब दो दशक बाद ₹4.84 करोड़ की कंपाउंडिंग राशि उस ₹537.5 करोड़ के निवेश के सापेक्ष नाममात्र है, जो यह सवाल उठाती है कि क्या यह निपटान वास्तव में पर्याप्त निवारक है। इसके अलावा, ₹320 करोड़ को परियोजना-निधि की बजाय FD और म्यूचुअल फंड में लगाने का आरोप कॉरपोरेट गवर्नेंस की गंभीर कमज़ोरी को उजागर करता है, जो आज भी प्रासंगिक है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI का BPTP लिमिटेड के खिलाफ कंपाउंडिंग आदेश क्या है?
RBI ने 17 सितंबर 2026 को BPTP लिमिटेड और उसके निदेशकों कबीर चावला व सुधांशु त्रिपाठी के खिलाफ FEMA, 1999 की धारा 15(1) के तहत कंपाउंडिंग आदेश जारी किया है। कंपनी ने ₹4.84 करोड़ की कंपाउंडिंग राशि चुकाकर इस मामले का निपटान करने पर सहमति जताई है।
BPTP लिमिटेड ने FEMA का उल्लंघन कैसे किया?
जाँच के अनुसार, BPTP ने 2007-2008 में मॉरीशस स्थित कंपनियों से FDI प्राप्त करते समय निवेश समझौतों में पुट ऑप्शन और निश्चित आंतरिक रिटर्न (IRR) की शर्तें शामिल कीं, जो तत्कालीन FEMA प्रावधानों के तहत अनुमत नहीं थीं। इसके अलावा, करीब ₹320 करोड़ परियोजनाओं में लगाने की बजाय FD और म्यूचुअल फंड में लगाए गए, जो एक अलग FEMA उल्लंघन था।
BPTP लिमिटेड को कितना विदेशी निवेश मिला था?
BPTP लिमिटेड को 21 अगस्त 2007 को सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड से करीब 7.767 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹322.5 करोड़) और 9 जुलाई 2008 को हार्बर विक्टोरिया इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड से करीब 4.984 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹215 करोड़) प्राप्त हुए। कुल विदेशी निवेश लगभग ₹537.5 करोड़ था।
FEMA में कंपाउंडिंग प्रक्रिया क्या होती है?
FEMA के तहत कंपाउंडिंग एक वैधानिक प्रक्रिया है जिसमें उल्लंघनकर्ता RBI द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान कर अपने मामले का निपटान कर सकता है। यह दंड की एकमुश्त अदायगी के माध्यम से दीर्घकालिक कानूनी कार्यवाही से बचने का मार्ग है।
इस मामले की जाँच किसने की थी?
इस मामले की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने की थी। जाँच में BPTP लिमिटेड — जिसे पहले बिज़नेस पार्क टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था — में हुए विदेशी निवेश और उससे जुड़े FEMA उल्लंघनों की पड़ताल की गई।
राष्ट्र प्रेस
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