RBI ने जुस्डा इंडिया पर FEMA उल्लंघन मामले में जारी किया कंपाउंडिंग आदेश, ₹12.52 लाख जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल को जुस्डा इंडिया सप्लाई चेन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) की धारा 15 के तहत कंपाउंडिंग आदेश जारी किया है, जिसमें कंपनी पर ₹12,52,984 का एकमुश्त जुर्माना लगाया गया है। यह मामला ₹18.5 करोड़ के शेयर निर्गम से जुड़ा है, जो भारत के साथ स्थलीय सीमा साझा करने वाले देश की संस्थाओं को सरकार की पूर्व अनुमति के बिना जारी किए गए थे।
मामला क्या है
जाँच में पाया गया कि कंपनी ने FEM (NDI) नियम 2019 के नियम 4 (नियम 6(ए) और नियम 7 के साथ पठित) का उल्लंघन किया। इन नियमों के अनुसार, भारत के साथ स्थलीय सीमा साझा करने वाले देशों की संस्थाओं को शेयर जारी करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। यह प्रावधान मुख्यतः चीन से होने वाले अप्रत्यक्ष निवेश पर निगरानी रखने के लिए अप्रैल 2020 में लागू किया गया था।
ED की जाँच और शिकायत
विश्वसनीय सूचना के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने FEMA के प्रावधानों के तहत जाँच शुरू की थी। जाँच पूरी होने के बाद ED ने FEMA की धारा 16 के तहत निर्णायक प्राधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज की, जिसमें उल्लंघनों का ब्यौरा दिया गया।
कंपाउंडिंग प्रक्रिया
इसके बाद कंपनी ने धारा 15 के प्रावधानों के तहत उल्लंघनों के निपटान के लिए RBI के समक्ष कंपाउंडिंग आवेदन दाख़िल किया। RBI के संदर्भ पर ED ने अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप कंपाउंडिंग के लिए ‘कोई आपत्ति नहीं’ (NOC) जारी की, जिसके आधार पर केंद्रीय बैंक ने आदेश पारित किया।
आदेश का असर
₹12,52,984 के एकमुश्त भुगतान के साथ कंपनी के विरुद्ध FEMA के प्रावधानों के तहत चल रही निर्णायक कार्रवाई और आगे की संभावित कानूनी प्रक्रिया भी समाप्त हो गई है। गौरतलब है कि कंपाउंडिंग एक स्वैच्छिक तंत्र है, जो कंपनियों को मौद्रिक निपटान के माध्यम से लंबी मुक़दमेबाज़ी से बचने का अवसर देता है।
व्यापक संदर्भ
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब भारत सीमावर्ती देशों से होने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर सख़्त निगरानी रख रहा है। पिछले कुछ वर्षों में RBI और ED ने ऐसे कई मामलों में कार्रवाई की है, जहाँ कंपनियों ने पूर्व अनुमति के बिना सीमावर्ती देशों की संस्थाओं को शेयर जारी किए।