7 अक्टूबर 2026
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SBI रिसर्च: दिसंबर MPC में RBI 50 बेसिस पॉइंट तक बढ़ा सकता है रेपो रेट, 6% हो सकता है पीक

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SBI रिसर्च: दिसंबर MPC में RBI 50 बेसिस पॉइंट तक बढ़ा सकता है रेपो रेट, 6% हो सकता है पीक

सारांश

SBI रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट में RBI के दिसंबर MPC में एकमुश्त 50 बेसिस पॉइंट की बड़ी दर-वृद्धि की संभावना जताई गई है। नवंबर 2026 में महंगाई 6.8% के शीर्ष पर पहुँचने और पीक रेपो रेट 6% रहने का अनुमान — यह वैश्विक अनिश्चितता के बीच RBI की नीतिगत आक्रामकता का संकेत है।

मुख्य बातें

SBI रिसर्च ने 7 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में RBI की दिसंबर MPC में 50 आधार अंक तक की दर-वृद्धि की संभावना जताई।
मौजूदा रेपो रेट 5.50% ; SBI के अनुसार दिसंबर तक इसे 6% तक बढ़ाना सबसे उचित विकल्प।
सौम्य कांति घोष के अनुसार वित्त वर्ष 27 में GDP वृद्धि 7.1% और महंगाई 5.20% रहने का RBI अनुमान।
नवंबर 2026 में महंगाई लगभग 6.8% के शीर्ष पर पहुँचने और पीक रेपो रेट 6.0% रहने का अनुमान।
रिपोर्ट में भारत के लिए स्पष्ट AI नीति और रुपये के संरक्षण के उपायों की आवश्यकता भी रेखांकित।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) दिसंबर 2026 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक में रेपो रेट को 50 आधार अंक तक बढ़ा सकता है — यह संभावना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रिसर्च द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में जताई गई है। हालाँकि, रिपोर्ट के अनुसार यह बढ़ोतरी काफी हद तक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

रिपोर्ट की मुख्य सिफारिश

SBI रिसर्च का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक हालात और अधिक अस्थिर हो सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि RBI को छोटी-छोटी क्रमिक बढ़ोतरियों के बजाय एक बड़े कदम में दरें बढ़ाने का विकल्प चुनना चाहिए।

SBI के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, 'दिसंबर तक रेपो रेट को 6 प्रतिशत करना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।'

मौजूदा रेपो रेट और नीतिगत संदर्भ

RBI की MPC ने हाल ही में रेपो रेट को सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किया था। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे नीतिगत विकल्प व्यावहारिक रूप से या तो दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने तक सीमित हैं, जो बदलती परिस्थितियों पर आधारित होगा।

डॉ. घोष ने यह भी कहा कि RBI ने वित्त वर्ष 27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान 40 आधार अंक बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत और खुदरा महंगाई अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 5.20 प्रतिशत कर दिया है। उनके अनुसार, 'वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि 7.5 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।'

नीतिगत रुख में बड़ा बदलाव

डॉ. घोष के अनुसार, 'अक्टूबर की नीतिगत बातचीत सतर्कता से हटकर साफ तौर पर सख्ती की ओर बढ़ने का संकेत देती है। गवर्नर के बयान और मॉनेटरी पॉलिसी स्टेटमेंट के विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार उनके रुख में काफी एकरूपता है, जो पिछले पॉलिसी साइकल में देखे गए मतभेदों से एक उल्लेखनीय बदलाव है।'

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंक — विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिज़र्व — अपनी दरों को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। भारत में घरेलू महंगाई के दबाव और बाहरी अनिश्चितता का संयोजन RBI के लिए नीति-निर्धारण को जटिल बना रहा है।

महंगाई का अनुमान और पीक रेपो रेट

SBI रिसर्च के ऐतिहासिक विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले पॉलिसी साइकल में जैसे-जैसे महंगाई का दबाव कम हुआ, पॉलिसी दर का शीर्ष स्तर भी घटता गया। इसी ट्रेंड के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमारे अनुमान बताते हैं कि नवंबर 2026 में महंगाई के लगभग 6.8 प्रतिशत के शीर्ष पर पहुँचने की उम्मीद है, और इस तरह पीक रेपो रेट लगभग 6.0 प्रतिशत हो सकता है।'

गौरतलब है कि महंगाई के रुझान में बदलाव के आधार पर ब्याज दरें बढ़ाने की मात्रा और रफ़्तार में अंतर आ सकता है।

AI नीति और रुपये की चिंता

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूँजी प्रवाह को सुगम बनाने के लिए भारत को एक स्पष्ट AI नीति की ज़रूरत है, क्योंकि ऐसी नीति के अभाव में विदेशी पूँजी आकर्षित करना कठिन होगा। इसके अलावा, रुपये की मज़बूती के लिए सुरक्षात्मक उपायों की भी ज़रूरत बताई गई है, क्योंकि यह एक चिंताजनक बेंचमार्क स्तर की ओर बढ़ रहा है।

आने वाले हफ्तों में RBI का अगला कदम वैश्विक संकेतों, घरेलू महंगाई के आँकड़ों और अमेरिकी फेड के रुख पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और केवल ब्याज दर का हथियार सभी मोर्चों पर काम नहीं कर सकता।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SBI रिसर्च ने RBI के दिसंबर MPC के बारे में क्या कहा है?
SBI रिसर्च ने 7 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में कहा है कि RBI दिसंबर 2026 की MPC बैठक में रेपो रेट को 50 आधार अंक तक बढ़ा सकता है, जिससे यह 5.50% से बढ़कर 6% हो जाएगा। हालाँकि यह बढ़ोतरी वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
अभी रेपो रेट कितना है और आगे क्या होगा?
फिलहाल रेपो रेट 5.50 प्रतिशत है, जिसे MPC ने हाल ही में सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर तय किया था। SBI रिसर्च के अनुसार, आगे विकल्प या तो दरें बढ़ाने या स्थिर रखने तक सीमित हैं और पीक रेट 6.0% तक जा सकता है।
डॉ. सौम्य कांति घोष ने महंगाई और GDP को लेकर क्या अनुमान दिए?
डॉ. घोष ने कहा कि RBI ने वित्त वर्ष 27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान 40 आधार अंक बढ़ाकर 7.1% और खुदरा महंगाई अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 5.20% किया है। उनके अनुसार वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि 7.5% तक पहुँच सकती है।
नवंबर 2026 में महंगाई कितनी रहने का अनुमान है?
SBI रिसर्च के अनुमान के अनुसार नवंबर 2026 में महंगाई लगभग 6.8 प्रतिशत के शीर्ष स्तर पर पहुँच सकती है। इसी आधार पर पीक रेपो रेट लगभग 6.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
रिपोर्ट में रुपये और AI नीति पर क्या कहा गया?
रिपोर्ट में कहा गया है कि पूँजी प्रवाह को आकर्षित करने के लिए भारत को एक स्पष्ट AI नीति की ज़रूरत है। इसके अलावा रुपये के लिए सुरक्षात्मक उपाय भी ज़रूरी बताए गए हैं, क्योंकि यह एक चिंताजनक बेंचमार्क स्तर की ओर बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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