आरजी कर केस के दो साल: पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य मंत्री ने फिर खोली फाइल, पीड़िता के पिता बोले — न्याय अभी बाकी है
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना को 9 अगस्त 2026 को दो वर्ष पूरे हो गए, लेकिन पीड़िता के पिता का कहना है कि अब तक परिवार को न्याय नहीं मिला है। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की फाइल दोबारा खोलने की घोषणा की और कहा कि सच सामने लाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद देशभर में आंदोलन, विरोध प्रदर्शन, नाइट विजिल, भूख हड़ताल और लगातार जुलूस निकाले गए। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग न्याय की माँग लेकर सड़कों पर उतरे थे।
दो वर्षों में राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है। जो दल तब विपक्ष में था, वह आज सत्ता में है। उल्लेखनीय है कि पीड़िता की माँ को लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक के रूप में चुना है।
स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा, 'इस हादसे को दो साल हो गए। अभी भी इस हादसे का सच क्या है, हम लोगों को मालूम नहीं है। कौन-कौन थे, किसने किया ये सब, यहाँ पर जितना भी प्रमाण था, उसे गायब क्यों किया गया। उसके पीछे कौन थे, किसके आदेश में किया गया, वही हम खोज रहे हैं। सच का सामना सबको करना पड़ेगा। इसीलिए दोबारा यह फाइल खोली है। हम सच की तलाश में हैं।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य स्वास्थ्य विभाग की जाँच समिति और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की नई टीम दोनों समानांतर रूप से सबूत जुटाने में लगी हैं।
पीड़िता के पिता का बयान
पीड़िता के पिता ने कहा, 'न्याय दिलाने की कोशिश चल रही है। अभी राज्य सरकार हमारी पूरी मदद कर रही है। CBI की पुरानी टीम हटाकर नई टीम बनाई गई है। ये लोग भी पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश में हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार का संबंध इस केस से था, हालाँकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
श्रद्धांजलि और न्याय की माँग
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने काटवा उप-मंडलीय अस्पताल में पीड़िता की स्मृति में कैंडल लाइट ट्रिब्यूट आयोजित किया। उन्होंने त्वरित न्याय की माँग दोहराई।
जाँच की स्थिति और आगे की राह
मामले की जाँच अब भी जारी है — राज्य स्वास्थ्य विभाग की समिति और CBI की नई टीम दोनों सक्रिय हैं। गौरतलब है कि यह मामला दो वर्षों बाद भी न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अनसुलझा बना हुआ है। न्याय का इंतजार कर रहे परिवार और चिकित्सा बिरादरी की नजरें अब जाँच के अगले चरण पर टिकी हैं।