किरेन रिजिजू के 'भस्मासुर' बयान पर सियासत: NDA नेताओं का समर्थन, SP ने BJP पर पलटवार किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस को 'भस्मासुर' करार दिए जाने के बाद नई दिल्ली में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने रिजिजू के बयान की एकजुट होकर पुष्टि की, जबकि विपक्ष ने पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ही सहयोगी दलों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता का पक्ष
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, 'आज के समय में कांग्रेस से कोई पार्टी गठबंधन नहीं करना चाहती। जिसने भी कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, वह बर्बाद हो गया।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव का हाथ थामा तो जनता ने तेजस्वी का साथ छोड़ दिया। शाहदेव के अनुसार, इसी तरह शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और अखिलेश यादव की पार्टी भी कांग्रेस से गठबंधन के बाद विधानसभा में कमज़ोर पड़ गई।
जेडीयू का कांग्रेस पर आरोप
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के 6 दशक के शासन में जब कभी पर्याप्त बहुमत नहीं मिला, तो पार्टी ने साथी दलों को तोड़ा और विरोधी खेमे में सेंधमारी की। उन्होंने कहा कि 'दलबदल विधेयक' से पहले हालात और भी बदतर थे, और संसाधनों के दुरुपयोग में कांग्रेस का कोई सानी नहीं था।
अरुण चतुर्वेदी: भाजपा को कांग्रेस खत्म करने की ज़रूरत नहीं
BJP नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि 1952 से आज तक सकारात्मक राजनीति करते हुए भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा, 'लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है। कांग्रेस के कई टुकड़ों के लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं है।' उन्होंने राहुल गांधी से अपनी पार्टी का इतिहास जानने की नसीहत दी।
समाजवादी पार्टी का पलटवार
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष एकजुट होकर BJP पर निशाना साध रहा है। समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि रिजिजू को यह बताना चाहिए कि तमिलनाडु में AIADMK, पंजाब में अकाली दल, महाराष्ट्र में शिवसेना और बिहार में JDU के कमज़ोर होने की ज़िम्मेदारी किसकी है। वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन दलों के सहारे अपनी 'राजनीतिक रोटियाँ' सेंकी और बाद में उन्हें हाशिए पर धकेल दिया।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी आगामी राज्य चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रही है, जब NDA और विपक्षी 'INDIA' गठबंधन दोनों अपने-अपने सहयोगियों को साधने में लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद दोनों पक्षों के लिए अपनी-अपनी कथा स्थापित करने का अवसर है। आने वाले दिनों में इस बयानबाज़ी के और तेज होने की संभावना है।