रितु बराला केस: जीरो एफआईआर की मांग पर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर कांग्रेस का 24 घंटे से धरना जारी
सारांश
मुख्य बातें
एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ दिल्ली में कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराने की माँग को लेकर जयपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का पुलिस कमिश्नरेट के बाहर धरना मंगलवार, 20 अक्टूबर को भी जारी रहा। सोमवार शाम शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन 24 घंटे से अधिक समय पार कर चुका है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच नारेबाजी और झड़प की घटनाएँ भी सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
मुख्य घटनाक्रम
यह विरोध प्रदर्शन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस फोन कॉल के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से कहा था कि वे जयपुर में एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इसके बाद डोटासरा सोमवार शाम करीब 6:15 बजे पुलिस कमिश्नरेट पहुँचे। डोटासरा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने सोमवार की रात कमिश्नरेट परिसर में फर्श पर सोकर बिताई और मंगलवार को विरोध स्थल पर ही चाय और नाश्ता किया।
पुलिस का पक्ष
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) अजय सिंह ने बताया कि 13 अक्टूबर की घटना के संबंध में दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में पहले से ही एक मामला दर्ज है और बराला की शिकायत उस चल रही जाँच में शामिल कर ली गई है। जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हीं तथ्यों के आधार पर जयपुर में अलग एफआईआर दर्ज करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। पुलिस ने बराला के इस दावे को भी गलत बताया कि वह इलाज में व्यस्त रहने के कारण दिल्ली में शिकायत दर्ज नहीं करा सकीं।
कांग्रेस नेताओं की दलील
पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा ने पुलिस को चुनौती दी कि वे दिल्ली में दर्ज एफआईआर की एक प्रति सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, 'पुलिस हमें दिखाए कि दिल्ली में कौन सी एफआईआर दर्ज की गई है। अगर वे इसे दिखा दें, तो हम तुरंत यहाँ से चले जाएँगे। असल में पुलिस ने दिल्ली में इन युवाओं के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की है।' उन्होंने यह भी कहा, 'जीरो एफआईआर दर्ज कराना हमारा कानूनी अधिकार है। केरल में एक जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। हम आखिरी दम तक लड़ेंगे।'
विपक्षी नेताओं के आरोप
राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सवाल उठाया कि दिल्ली और जयपुर दोनों जगह बराला द्वारा शिकायत दिए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई। जूली ने आरोप लगाया, 'जो लोग महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और 'बेटी बचाओ' अभियान की बात करते हैं, वे खुद ही एक बेटी के साथ अन्याय कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'क्या ये भाजपा सदस्य खुद को कानून से ऊपर समझते हैं?' गौरतलब है कि इस दौरान एक कांग्रेस नेता ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि जयपुर पुलिस कमिश्नर 'भाजपा खेमे में' मिलेंगे।
आगे क्या होगा
डोटासरा ने कहा कि पुलिस के साथ बातचीत के लिए वे तैयार हैं, लेकिन जब तक जीरो एफआईआर दर्ज नहीं होती, धरना जारी रहेगा। यह विवाद राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बीच टकराव का नया मोर्चा बन चुका है। अब यह देखना होगा कि जयपुर पुलिस दिल्ली में दर्ज एफआईआर की प्रति सार्वजनिक करती है या नहीं, और क्या मध्यस्थता के जरिये यह गतिरोध समाप्त हो पाता है।