छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का रायपुर थाने में 14 घंटे से धरना, FIR वापसी पर अड़े
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के विरोध में रायपुर के खम्हारडीह थाने में 14 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। यह धरना गुरुवार, 24 जुलाई की शाम करीब 6 से 6:15 बजे शुरू हुआ और शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। रात भर कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका।
धरने की पृष्ठभूमि
रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस समर्थकों के साथ झड़प हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। इसी कार्रवाई के विरोध में दीपक बैज ने खम्हारडीह थाने में शांतिपूर्ण धरना शुरू किया।
दीपक बैज का बयान
शुक्रवार सुबह मीडिया से बात करते हुए दीपक बैज ने कहा, 'हमारा धरना गुरुवार शाम करीब 6-6:15 बजे शुरू हुआ था और अब अगले दिन सुबह जारी है। हम लगभग 14 घंटे से विरोध कर रहे हैं। रात में कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। इसीलिए हम अपनी मांगों को लेकर पुलिस स्टेशन में शांतिपूर्ण धरना जारी रखे हुए हैं।'
बैज ने यह भी बताया कि सुबह करीब 11 बजे प्रशासन के साथ बातचीत का एक और दौर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टकराव नहीं, बल्कि संवाद के ज़रिए समाधान चाहते हैं। उनके शब्दों में, 'आगे बढ़ने के रास्ते अभी भी खुले हैं। बातचीत ही समाधान खोजने का एकमात्र तरीका है, टकराव नहीं।'
PM मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया
दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम जारी वीडियो संदेश पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को देर रात बाहर आकर ट्वीट करना पड़ा और अपने मोबाइल फोन पर वीडियो भी रिकॉर्ड करना पड़ा — यह बात ही स्थिति की गंभीरता को दिखाती है।' बैज ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छात्रों की मुख्य मांगों पर कोई बात नहीं की और न ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया।
जवाबदेही पर सवाल
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फास्ट-ट्रैक मैकेनिज़्म बनाने की बात तो की, लेकिन किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई और सरकार ने यह नहीं बताया कि इसके लिए कौन जवाबदेह है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पहले से ही राज्य सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगा रहा है।
आगे क्या होगा
सुबह 11 बजे प्रशासन के साथ बातचीत का अगला दौर निर्धारित है। दीपक बैज ने संकेत दिया है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह मामला छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की कड़ी में एक और घटनाक्रम है।