छत्तीसगढ़: सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर FIR, पुराने BJP वीडियो को तिरंगा विवाद से जोड़ने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ छत्तीसगढ़ में 17 अगस्त 2026 की शाम प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। आरोप है कि दोनों ने मार्च 2026 के एक पुराने भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रशिक्षण कार्यक्रम के वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह का बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया। यह शिकायत छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने दर्ज कराई है।
विवाद की पृष्ठभूमि
मामले की जड़ में कुरुद (धमतरी जिला) से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का एक वीडियो क्लिप है, जो 15 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस क्लिप में चंद्राकर को भाजपा का झंडा फहराते हुए दिखाया गया था। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे इस दावे के साथ प्रसारित किया कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह पार्टी का झंडा लहराया, जिससे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप उठा।
बाद में हुई जाँच के अनुसार, यह फुटेज 22 मार्च 2026 को धमतरी जिले के कुरुद में आयोजित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान' का था — न कि स्वतंत्रता दिवस का।
शिकायतकर्ता का पक्ष
भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा, 'कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रेसिडेंट और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने नेहा सिंह राठौर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के साथ मिलकर 15 अगस्त को गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की। उन्होंने मार्च 2026 का एक वीडियो शेयर किया जिसमें पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लहराते हुए दिख रहे थे। पोस्ट को इस तरह पेश किया गया जैसे यह वीडियो 15 अगस्त को रिकॉर्ड किया गया हो।'
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने यह पुराना वीडियो ठीक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वायरल किया, जिससे कथित तौर पर जनता में भ्रम, राजनीतिक तनाव और अशांति फैलने की आशंका पैदा हुई।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएँ
छत्तीसगढ़ पुलिस ने पुष्टि की है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जाँच जारी है।
भाजपा ने इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भ्रामक सामग्री को तत्काल हटाने और संबंधित अकाउंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री के प्रसार को लेकर देशभर में बहस तेज है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े विवाद राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जाँच के नतीजे और अदालती कार्यवाही आगे की दिशा तय करेंगे।