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डोटासरा का केंद्र पर हमला: जीडीपी नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन बताएगा अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर

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डोटासरा का केंद्र पर हमला: जीडीपी नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन बताएगा अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर

सारांश

कांग्रेस के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र की जीडीपी गणना पद्धति पर सवाल उठाए और कहा कि बेरोजगारी व किसान आंदोलन असली आर्थिक पैमाने हैं। साथ ही राहुल गांधी की एफआईआर पर BJP-RSS को घेरा और राजस्थान की 309 नगर निकायों में 11,500 सिंबल देने का दावा किया।

मुख्य बातें

गोविंद सिंह डोटासरा ने 1 सितंबर को जयपुर में कहा कि जीडीपी आंकड़े नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन अर्थव्यवस्था की असली हकीकत बताते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जीडीपी गणना पद्धति बदलकर विकास दर को वास्तविकता से अधिक दिखा रही है।
राहुल गांधी की एफआईआर को डोटासरा ने दलित सम्मान का मुद्दा बताया; BJP और RSS पर तीखा हमला।
राजस्थान की 309 नगर निकायों में कांग्रेस ने करीब 11,500 पार्टी सिंबल जारी किए — पार्टी इतिहास में सर्वाधिक।
भीलवाड़ा में 14 सिंबल जमा न होने की जांच के लिए कमेटी गठित होगी; कानूनी विकल्प खुला।
राजस्थान BJP सरकार पर आरोप — ढाई साल में अपराध बढ़ा, कोई ठोस विकास कार्य नहीं।

कांग्रेस के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 1 सितंबर को जयपुर में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जीडीपी के आंकड़े नहीं, बल्कि बढ़ती बेरोजगारी और किसान आंदोलन ही देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आईना हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भी कड़ा हमला बोला।

जीडीपी आंकड़ों पर सवाल

डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जीडीपी की गणना पद्धति में बदलाव करके विकास दर को वास्तविकता से अधिक दिखा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अर्थव्यवस्था वाकई मजबूत हो रही है, तो रोजगार के अवसर क्यों सिकुड़ रहे हैं और किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं। उनके अनुसार, राइट टू फूड, राइट टू एजुकेशन और मनरेगा जैसी जन-कल्याणकारी योजनाएं पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की देन हैं और योजनाओं का नाम बदलने से उनकी मूल भावना नहीं बदलती।

राहुल गांधी की एफआईआर और दलित सम्मान का मुद्दा

डोटासरा ने कहा कि संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार और दलित सम्मान की आवाज उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित 'शुद्धिकरण' प्रकरण में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर दर्शन के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों के स्वाभिमान से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि BJP और RSS की सोच नाथूराम गोडसे की विचारधारा से प्रेरित है, जबकि कांग्रेस महात्मा गांधी के समता और समावेश के मूल्यों पर चलती है।

नगर निकाय चुनाव और टिकट विवाद

राजस्थान की 309 नगर निकायों में कांग्रेस ने करीब 11,500 पार्टी सिंबल जारी किए हैं, जो पार्टी के इतिहास में सर्वाधिक बताए जा रहे हैं। डोटासरा ने स्वीकार किया कि टिकट वितरण को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी स्वाभाविक है, क्योंकि राजनीति में हर दावेदार को टिकट देना संभव नहीं होता। उन्होंने आश्वासन दिया कि नाराज नेताओं से संवाद किया जाएगा और भविष्य में संगठन, बोर्ड-कॉरपोरेशन या अन्य जिम्मेदारियों में उन्हें उचित सम्मान दिलाने का प्रयास होगा। इस बार बड़ी संख्या में युवाओं और शिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है।

भीलवाड़ा और ओसियां में नामांकन विवाद

डोटासरा ने बताया कि भीलवाड़ा में 14 पार्टी सिंबल जमा न हो पाने के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। यदि प्रशासनिक चूक सिद्ध होती है तो पार्टी कानूनी विकल्प अपनाएगी। इसके अलावा उन्होंने ओसियां और मथानिया में BJP विधायक द्वारा कथित तौर पर पुलिस सुरक्षा के साथ नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राजस्थान सरकार पर निशाना

राज्य की BJP सरकार पर हमला बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में अपराध दर बढ़ी है और कोई उल्लेखनीय विकास परियोजना या ठोस नीति सामने नहीं आई है। उनके अनुसार सरकार केवल घोषणाओं और भाषणों तक सीमित है। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि एफआईआर से कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी और पार्टी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष इसे चुनावी मौसम में ही मुखर होकर उठाता है। असली परीक्षा यह है कि कांग्रेस खुद यूपीए काल में रोजगार के जो वादे करती रही, उनका हिसाब कितना पारदर्शी है। राजस्थान में 11,500 सिंबल का दावा संगठनात्मक ताकत दर्शाता है, लेकिन भीलवाड़ा जैसी चूकें बताती हैं कि जमीनी समन्वय अभी भी कमजोर है। दलित सम्मान का मुद्दा राजनीतिक रूप से धारदार है, पर इसकी विश्वसनीयता तभी बनेगी जब पार्टी अपने भीतर के जातिगत पूर्वाग्रहों का भी जवाब दे।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोविंद सिंह डोटासरा ने जीडीपी आंकड़ों पर क्या आरोप लगाए?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जीडीपी गणना की पद्धति में बदलाव करके विकास दर को वास्तविकता से अधिक दिखा रही है। उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था सच में मजबूत होती तो रोजगार के अवसर नहीं घटते और किसान आंदोलन नहीं करते।
राहुल गांधी की एफआईआर पर डोटासरा का क्या कहना है?
डोटासरा ने कहा कि दलित सम्मान और संवैधानिक समानता का मुद्दा उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित 'शुद्धिकरण' मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर से कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस ने कितने सिंबल जारी किए?
कांग्रेस ने राजस्थान की 309 नगर निकायों में करीब 11,500 पार्टी सिंबल जारी किए हैं, जो पार्टी के इतिहास में सर्वाधिक बताए जा रहे हैं। इस बार बड़ी संख्या में युवाओं और शिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है।
भीलवाड़ा में 14 सिंबल जमा न होने के मामले में कांग्रेस क्या करेगी?
डोटासरा ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। यदि प्रशासनिक चूक सिद्ध होती है तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी।
डोटासरा ने राजस्थान की BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
डोटासरा ने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में राज्य में अपराध बढ़ा है और कोई उल्लेखनीय विकास परियोजना या प्रभावी नीति सामने नहीं आई है। उनके अनुसार सरकार केवल घोषणाओं और भाषणों तक सीमित रही है।
राष्ट्र प्रेस
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