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राहुल गांधी युवाओं की आवाज़ बनकर उठे: डोटासरा बोले — 'उन्हें कोई नहीं रोक सकता'

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राहुल गांधी युवाओं की आवाज़ बनकर उठे: डोटासरा बोले — 'उन्हें कोई नहीं रोक सकता'

सारांश

राजस्थान कांग्रेस ने राहुल गांधी के कोटा छात्र संवाद को 'युवाओं की आवाज़' करार दिया। डोटासरा और जूली ने पेपर लीक, बेरोज़गारी और कोचिंग संकट पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया — और साफ़ कहा कि युवाओं के मुद्दों पर राहुल गांधी को कोई नहीं रोक सकता।

मुख्य बातें

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 18 जून को बूंदी में कहा कि राहुल गांधी युवाओं के मुद्दे उठाने में 'तूफान' हैं।
राहुल गांधी के कोटा छात्र संवाद कार्यक्रम को राजस्थान कांग्रेस ने महत्वपूर्ण पहल बताया।
डोटासरा ने पेपर लीक को युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बताया — परिवार कर्ज़ लेकर और संपत्ति गिरवी रखकर बच्चों की पढ़ाई में निवेश करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोचिंग इंडस्ट्री के बढ़ते दबदबे और सरकारी नौकरियों में सीमित सीटों पर चिंता जताई।
जूली ने माँग की कि जाँच एजेंसियाँ पेपर लीक मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करें।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम को राजस्थान कांग्रेस ने पूरा समर्थन दिया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 18 जून को बूंदी में पेपर लीक, बेरोज़गारी, शिक्षा व्यवस्था और कोचिंग संस्कृति जैसे गंभीर मुद्दों पर राज्य और केंद्र सरकार को घेरा। डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं की समस्याओं को उठाने में 'तूफान' की तरह हैं और उन्हें कोई नहीं रोक सकता।

पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर हमला

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि देश के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितता और पेपर लीक है। उनके अनुसार, लाखों छात्र और उनके परिवार भारी आर्थिक बोझ उठाकर — कई तो कर्ज़ लेकर और संपत्ति गिरवी रखकर — बच्चों की पढ़ाई में निवेश करते हैं। लेकिन परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाने से उनकी वर्षों की मेहनत और सपने धूल में मिल जाते हैं।

डोटासरा ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी न किसी को आगे आकर युवाओं की समस्याओं को समझना और उनका समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति को युवाओं के मुद्दों से अलग नहीं किया जा सकता।

केंद्र और भाजपा पर आरोप

डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष को दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में बेरोज़गारी और आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है, जिसका सबसे अधिक खामियाज़ा युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर है।

टीकाराम जूली की चिंता: कोचिंग उद्योग और सीमित सरकारी सीटें

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुज़र रही है। एक ओर कोचिंग संस्थानों पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरियों में सीमित सीटों के कारण लाखों युवा बेरोज़गार रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा प्रणाली में कोचिंग इंडस्ट्री का दबदबा बढ़ता जा रहा है और अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जूली ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएँ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी व्यवस्था में 'कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है', जिन पर कार्रवाई ज़रूरी है। साथ ही उन्होंने माँग की कि जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष रूप से काम करें ताकि दोषियों को सज़ा मिल सके।

राहुल गांधी के कोटा दौरे का महत्व

दोनों नेताओं ने राहुल गांधी के कोटा में छात्रों से सीधे संवाद को सराहा और इसे युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जूली ने कहा कि एक छोटे से वर्ग को ही सरकारी नौकरियाँ मिलती हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा बेरोज़गार रह जाते हैं — और यह स्थिति गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है।

डोटासरा ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है और छात्रों से संवाद करके उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर और तेज़ी से उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कोटा का यह छात्र संवाद नीतिगत बदलाव में कितना तब्दील होगा। पेपर लीक की समस्या नई नहीं है — राजस्थान समेत कई राज्यों में यह सिलसिला वर्षों से जारी है, और इस पर सत्ता-विपक्ष दोनों की सरकारें जवाबदेह रही हैं। कांग्रेस युवाओं के गुस्से को चुनावी ऊर्जा में बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन जब तक परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार नहीं होते, संवाद कार्यक्रम प्रतीकात्मक ही रहेंगे। कोचिंग उद्योग पर जूली की चिंता वाजिब है, पर यह भी विडंबना है कि कोटा को 'कोचिंग कैपिटल' बनाने में किसी एक दल की भूमिका नहीं — यह दशकों की नीतिगत उदासीनता का नतीजा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने कोटा में क्या किया?
राहुल गांधी ने कोटा में एक छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उन्होंने छात्रों से सीधे बात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। राजस्थान कांग्रेस ने इसे युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
गोविंद सिंह डोटासरा ने पेपर लीक पर क्या कहा?
डोटासरा ने कहा कि पेपर लीक देश के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या है। उनके अनुसार, परिवार कर्ज़ लेकर और संपत्ति गिरवी रखकर बच्चों की पढ़ाई में निवेश करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाने से उनकी मेहनत और सपने बर्बाद हो जाते हैं।
टीकाराम जूली ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या चिंता जताई?
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है — कोचिंग इंडस्ट्री का दबदबा बढ़ रहा है और सरकारी नौकरियों में सीमित सीटों के कारण लाखों युवा बेरोज़गार रह जाते हैं। उन्होंने पेपर लीक मामलों में निष्पक्ष जाँच की माँग भी की।
राजस्थान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष को दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बेरोज़गारी और आर्थिक असमानता बढ़ रही है, जिसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है।
कोचिंग संस्कृति पर कांग्रेस नेताओं का क्या रुख है?
जूली ने कहा कि अभिभावकों पर कोचिंग का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि सरकारी नौकरियाँ केवल एक छोटे वर्ग को मिल पाती हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है और इसमें संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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