दीया कुमारी का राहुल गांधी पर पलटवार: 'कांग्रेस राज में पेपर लीक ने बनाया था रिकॉर्ड'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 18 जून 2026 को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया और कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर सवाल खड़े किए। यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद आई, जहाँ उन्होंने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर अपनी बात रखी थी।
दीया कुमारी का सीधा सवाल
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा, 'राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान जितने पेपर लीक हुए, वह अपने आप में एक रिकॉर्ड था। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूँ कि उस समय उन्होंने क्या कहा था? वे पूरी तरह मौन थे। पाँच साल तक लगातार पेपर लीक होते रहे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब आपकी सरकार थी, तब यह सब क्यों होता रहा?' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विपक्ष में रहते हुए राहुल गांधी का ऐसा रुख अपेक्षित है, लेकिन उनकी चुप्पी पर सवाल उठाना ज़रूरी है।
वर्तमान सरकार का पक्ष
दीया कुमारी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वर्तमान सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बेहतर तैयारियाँ की हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परीक्षाएँ बेहतर तरीके से आयोजित होंगी और पेपर लीक जैसी समस्याओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने इन तैयारियों का कोई विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
राहुल गांधी का कोटा कार्यक्रम
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों की चिंताओं और भविष्य पर केंद्रित चर्चा के लिए था। कार्यक्रम में उन्होंने आकांक्षा नाम की एक छात्रा द्वारा कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता है।
शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों छात्र इनमें शामिल होते हैं, लेकिन बहुत कम का चयन हो पाता है। उन्होंने कहा, 'माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन हमारी शिक्षा व्यवस्था चयन से ज़्यादा अस्वीकृति की व्यवस्था बन गई है। यह छात्रों को अपमानित करती है और कई युवाओं को अवसाद की ओर धकेल देती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली धीरे-धीरे आर्थिक शोषण का माध्यम बनती जा रही है।
आगे क्या
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा राज्य की राजनीति में लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस और BJP दोनों के शासनकाल में इस समस्या ने छात्रों को प्रभावित किया है। अब जबकि राहुल गांधी ने कोटा जैसे शिक्षा-केंद्र में सीधे छात्रों से संवाद किया है, राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।