6 अगस्त 2026
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दीया कुमारी का राहुल गांधी पर पलटवार: 'कांग्रेस राज में पेपर लीक ने बनाया था रिकॉर्ड'

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दीया कुमारी का राहुल गांधी पर पलटवार: 'कांग्रेस राज में पेपर लीक ने बनाया था रिकॉर्ड'

सारांश

कोटा में राहुल गांधी के छात्र-संवाद के बाद राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पलटवार किया — कांग्रेस राज में पाँच साल तक पेपर लीक का रिकॉर्ड बना, तब राहुल चुप रहे। शिक्षा व्यवस्था पर दोनों पक्षों की सियासी जंग अब खुलकर सामने आ गई है।

मुख्य बातें

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 18 जून 2026 को जयपुर में राहुल गांधी पर पलटवार किया।
कुमारी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्थान में पाँच साल तक लगातार पेपर लीक हुए, जो 'अपने आप में एक रिकॉर्ड' था।
राहुल गांधी ने कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में नीट और जेईई परीक्षाओं की खामियों पर छात्रों से संवाद किया।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को 'आर्थिक शोषण का माध्यम' बताते हुए इसे छात्रों के अवसाद का कारण ठहराया।
वर्तमान BJP सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने का दावा किया, लेकिन विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 18 जून 2026 को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया और कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर सवाल खड़े किए। यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद आई, जहाँ उन्होंने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर अपनी बात रखी थी।

दीया कुमारी का सीधा सवाल

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा, 'राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान जितने पेपर लीक हुए, वह अपने आप में एक रिकॉर्ड था। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूँ कि उस समय उन्होंने क्या कहा था? वे पूरी तरह मौन थे। पाँच साल तक लगातार पेपर लीक होते रहे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब आपकी सरकार थी, तब यह सब क्यों होता रहा?' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विपक्ष में रहते हुए राहुल गांधी का ऐसा रुख अपेक्षित है, लेकिन उनकी चुप्पी पर सवाल उठाना ज़रूरी है।

वर्तमान सरकार का पक्ष

दीया कुमारी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वर्तमान सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बेहतर तैयारियाँ की हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परीक्षाएँ बेहतर तरीके से आयोजित होंगी और पेपर लीक जैसी समस्याओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने इन तैयारियों का कोई विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।

राहुल गांधी का कोटा कार्यक्रम

इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों की चिंताओं और भविष्य पर केंद्रित चर्चा के लिए था। कार्यक्रम में उन्होंने आकांक्षा नाम की एक छात्रा द्वारा कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता है।

शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी के आरोप

राहुल गांधी ने नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों छात्र इनमें शामिल होते हैं, लेकिन बहुत कम का चयन हो पाता है। उन्होंने कहा, 'माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन हमारी शिक्षा व्यवस्था चयन से ज़्यादा अस्वीकृति की व्यवस्था बन गई है। यह छात्रों को अपमानित करती है और कई युवाओं को अवसाद की ओर धकेल देती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली धीरे-धीरे आर्थिक शोषण का माध्यम बनती जा रही है।

आगे क्या

राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा राज्य की राजनीति में लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस और BJP दोनों के शासनकाल में इस समस्या ने छात्रों को प्रभावित किया है। अब जबकि राहुल गांधी ने कोटा जैसे शिक्षा-केंद्र में सीधे छात्रों से संवाद किया है, राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दोनों दलों की एक साझा विफलता को उजागर करता है — राजस्थान में पेपर लीक न कांग्रेस के समय रुके, न BJP के समय पूरी तरह थमे। असली सवाल यह है कि परीक्षा सुधार के ठोस संस्थागत कदम कब उठाए जाएँगे, जो किसी एक सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप से परे हों। कोटा, जो पहले से ही छात्र आत्महत्याओं के कारण राष्ट्रीय चिंता का केंद्र है, वहाँ राहुल गांधी का जाना राजनीतिक संदेश भी है — लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि कांग्रेस के अपने शासनकाल में इन्हीं समस्याओं पर क्या नीतिगत कदम उठाए गए थे।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीया कुमारी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्थान में पाँच साल तक लगातार पेपर लीक होते रहे, जो एक रिकॉर्ड था, और उस दौरान राहुल गांधी पूरी तरह मौन रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनकी सरकार थी, तब यह समस्या क्यों नहीं रोकी गई।
राहुल गांधी का कोटा दौरा किस उद्देश्य से था?
राहुल गांधी ने कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों की चिंताओं और भविष्य पर केंद्रित बताया, और नीट-जेईई परीक्षाओं तथा शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर बात की।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था 'चयन से ज़्यादा अस्वीकृति की व्यवस्था' बन गई है और यह धीरे-धीरे आर्थिक शोषण का माध्यम बन रही है। उन्होंने आकांक्षा नाम की एक छात्रा के कथित सुसाइड नोट का उल्लेख करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था की विफलता बताया।
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा कितना पुराना है?
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा कांग्रेस और BJP दोनों के शासनकाल में विवाद का विषय रहा है। दीया कुमारी के अनुसार, कांग्रेस के पाँच वर्षीय शासन में यह समस्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची, जबकि वर्तमान BJP सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने का दावा किया है।
BJP सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
दीया कुमारी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की बेहतर तैयारियाँ की हैं। हालाँकि, उन्होंने इन उपायों का कोई विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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