क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोन दिल्ली वाले सुनते हैं?

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क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोन दिल्ली वाले सुनते हैं?

सारांश

राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोन दिल्ली में सुने जा रहे हैं। क्या यह सच है? जानिए पूरी कहानी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

डोटासरा ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजस्थान में राजनीतिक स्थिति में बदलाव आ सकता है।
किसानों के मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही आवश्यक है।
भाजपा के नेताओं में डर का माहौल है।
सचिन पायलट को सरकार बनाने का श्रेय दिया गया है।

जयपुर, 16 जून (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को राज्य की भजनलाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोन "दिल्ली वाले" सुन रहे हैं।

डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनके मंत्रियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "यदि हमारे मुख्यमंत्री और मंत्री यह कहने लग जाएं कि मुझसे डायरेक्ट फोन पर बात मत करो, मेरा फोन दिल्ली वाले सुनते हैं, तो आप समझ सकते हैं कि प्रदेश का क्या हाल होगा?"

कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा, "मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोन दिल्ली वाले सुन रहे हैं। लोग आकर बताते हैं कि मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसा कहते हैं कि आप सीधे फोन मत किया करो, आप समझा करो, सीधे फोन मत किया करो, ऊपर तक बातें जाती हैं। क्या राजस्थान में अदृश्य शक्तियां काम कर रही हैं?"

भाजपा नेताओं पर तंज करते हुए उन्होंने कहा, "बीजेपी के नेताओं को डर है कि कब दिल्ली से किसकी पर्ची बदल जाए।"

इसके अलावा, डोटासरा ने साल 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आने का श्रेय सचिन पायलट को दिया। उन्होंने कहा, "पायलट के समय कांग्रेस का संगठन मजबूत था, इसलिए सरकार बनी। हमारे समय भी संगठन मजबूत है और हम इसे और मजबूत करने में जुटे हुए हैं।"

वहीं, नकली खाद भंडारों पर कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की ओर से छापे मारे जाने को लेकर डोटासरा ने कहा, "किरोड़ी लाल मीणा छापे मार रहे हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि नकली खाद कहां गई है? कोऑपरेटिव डिपार्टमेंट के जरिए कितने किसानों तक नकली खाद पहुंची है और इससे किसानों को कितना नुकसान हुआ है? फसल कितनी बर्बाद होगी? अगर इस पर मंत्री जवाबदेही तय करते हैं तो मान लेंगे कि यह सरकार किसानों की हितेषी है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं समझता हूँ कि यह स्थिति राजस्थान की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। सरकार को अपने मंत्रियों की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या डोटासरा के आरोप सही हैं?
डोटासरा के आरोपों की सत्यता पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री शर्मा ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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