जीडीपी आंकड़ों पर चिराग पासवान का कांग्रेस को करारा जवाब: 'सच्चाई न मानना विपक्ष की सबसे बड़ी कमज़ोरी'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 6 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत की जीडीपी वृद्धि दर पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह न चुनावी नतीजों की सच्चाई स्वीकार करता है और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों को। उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब हाल ही में जारी आधिकारिक जीडीपी आंकड़ों पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे।
कांग्रेस पर 'बुलबुले में जीने' का आरोप
पासवान ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसे 'बुलबुले' में जी रही है जहाँ उसे सरकार का हर काम गलत ही नज़र आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल में जारी जीडीपी के आंकड़े पूरी तरह प्रामाणिक और सत्यापित रिपोर्ट पर आधारित हैं। उनके अनुसार, हर उपलब्धि को 'मनगढ़ंत', 'स्क्रिप्टेड' या 'हेरफेर वाला' बताना स्वस्थ राजनीति की श्रेणी में नहीं आता।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
पासवान ने माना कि विपक्ष को सरकार की नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, किंतु हर सकारात्मक पहल को पूरी तरह नकार देना लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह वास्तविकता को स्वीकार करे और एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने विपक्ष पर आर्थिक आंकड़ों को लेकर नकारात्मकता का आरोप लगाया हो।
लालू-राबड़ी की सुरक्षा कटौती पर प्रतिक्रिया
बिहार सरकार द्वारा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर भी पासवान ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
सुरक्षा फैसले खतरे के आकलन पर आधारित
पासवान ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को दी जाने वाली सुरक्षा खतरे के आकलन पर निर्भर करती है — खतरा अधिक होने पर सुरक्षा बढ़ाई जाती है और कम होने पर घटाई जाती है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी खुद की सुरक्षा भी समय-समय पर बढ़ती-घटती रही है।
प्रशासनिक निर्णयों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं
पासवान ने कहा कि सुरक्षा संबंधी फैसले विस्तृत जाँच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर लिए जाते हैं। ऐसे नियमित प्रशासनिक निर्णयों को राजनीतिक रंग देना लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वस्थ राजनीतिक माहौल के लिए हानिकारक है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बहस तेज़ हो गई है।