गिरिराज सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'GDP का ज्ञान नहीं, 7.8% वृद्धि देशविरोधियों पर तमाचा'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 2 सितंबर को देश की जीडीपी वृद्धि के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि विपक्षी दल एवं उसके नेताओं को अर्थव्यवस्था की बुनियादी समझ तक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जीडीपी उन लोगों के मुँह पर तमाचा है जो भारत का हित नहीं चाहते।
मुख्य बयान और आरोप
गिरिराज सिंह ने कहा, 'कांग्रेस और उनके लोगों को जीडीपी का ज्ञान नहीं है। उनके तथाकथित बड़े-बड़े विद्वानों को भी नहीं पता कि आज जीडीपी सिर्फ 7.8 प्रतिशत ही नहीं है, बल्कि 2014 से लेकर कोविड और युद्ध के समय तक जीडीपी को कभी गिरने नहीं दिया गया था।' उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल शासन को दिया।
मंत्री ने कहा कि आज देश सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और पूरी दुनिया भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था तथा उसके नेतृत्व को स्वीकार कर रही है।
ज़मीनी बदलाव का हवाला
गिरिराज सिंह ने एक कार्यक्रम में मौजूद लोगों के हवाले से कहा कि घरेलू बाज़ार भी तेज़ी से बढ़ रहा है और बड़े होटलों सहित हर क्षेत्र में इसका असर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने गाँवों में आए बदलाव को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि पहले गाँव में मोटरसाइकिलें इक्का-दुक्का होती थीं, जबकि आज उनकी भरमार है।
उन्होंने आगे कहा कि फोर-व्हीलर वाहन पहले कई गाँव मिलाकर एक-आध ही होते थे, लेकिन अब शहर से लेकर गाँव तक चारपहिया वाहन आम हो गए हैं। उनके अनुसार, 'जहाँ पहले 20 हज़ार गाड़ियाँ बिकती थीं, वहाँ अब 2.5 लाख से 3 लाख गाड़ियाँ बिक चुकी हैं।'
विपक्ष पर सीधा निशाना
मंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि 'कुछ लोगों को भारत के हित भी पसंद नहीं हैं। बढ़ता हुआ जीडीपी उनके मुँह पर तमाचा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि गाँव से लेकर शहर तक के लोग प्रधानमंत्री मोदी के विकास मॉडल को स्वीकार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे सत्तापक्ष अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता के रूप में पेश कर रहा है।
आम जनता पर असर
गिरिराज सिंह के अनुसार जीडीपी वृद्धि का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत में भी उपभोक्ता खर्च और वाहन बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे 'होलिस्टिक डेवलपमेंट' की संज्ञा दी।
आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल जीडीपी के आँकड़ों की व्याख्या और ज़मीनी रोज़गार की स्थिति पर सरकार को घेरते रहे हैं।