जीडीपी ग्रोथ है तो सरकार कर्ज क्यों ले रही? पप्पू यादव ने PM मोदी से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 1 सितंबर को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश की जीडीपी ग्रोथ वास्तव में हो रही है, तो सरकार को कर्ज लेने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है — और इस सवाल का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर, आरक्षण विवाद और बिहार-झारखंड एमओयू समेत कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
जीडीपी और महंगाई पर सरकार से सवाल
सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई पर चर्चा नहीं करते, तो जीडीपी पर कैसे बात करते हैं?' उन्होंने तर्क दिया कि तेल, एथेनॉल, सब्जी, चावल, फल और खाद के दाम लगातार बढ़ने से आम जनता परेशान है। उनके अनुसार, भारत में प्रति व्यक्ति आय ₹12,000 से ₹18,000 के बीच है और गरीब लोग अनुपातिक रूप से सबसे अधिक कर चुकाते हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर रही है और जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों की समृद्धि पर आधारित हैं, न कि आम नागरिकों की आर्थिक बेहतरी पर। उन्होंने कहा, 'अगर जीडीपी ग्रोथ हो रही है तो शेयर मार्केट नहीं गिरता। अगर ग्रोथ है तो सरकार कर्ज क्यों ले रही है?'
राहुल गांधी पर एफआईआर: पप्पू यादव का बचाव
हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर यादव ने कहा, 'राहुल गांधी मौत से नहीं डरते।' उन्होंने राहुल गांधी को 'आम आदमी, एक विचारधारा और संविधान की आवाज़' बताया और कहा कि वह एसटी, दलित, ओबीसी, ईबीसी, ऊँची जातियों, जेंडर और वर्ग — हर मुद्दे पर आवाज़ उठाते हैं। उनके अनुसार, 'राहुल गांधी को दुनिया में कोई नहीं डरा सकता।'
आरक्षण विवाद और संविधान की सर्वोच्चता
दो केंद्रीय मंत्रियों के बीच आरक्षण को लेकर चल रहे मतभेद पर सांसद ने कहा कि संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों से ऊपर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था बदलने पर चर्चा होती है, तो आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऊँची जाति के परिवारों को भी 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है।
बिहार-झारखंड एमओयू पर समर्थन
बिहार और झारखंड के बीच हुए एमओयू पर पप्पू यादव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरा देश एक परिवार है और राज्यों को आपस में संवाद व सहयोग करना चाहिए। उनके शब्दों में, 'कुछ राज्य माँ की तरह होते हैं, तो कुछ मौसी की तरह — जनहित में लिए गए हर फैसले का समर्थन होना चाहिए।'
कांग्रेस के बागी नेताओं पर रुख
कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेताओं के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन पर यादव ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने विचार रखने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए संविधान, बेरोज़गारी और देश के व्यापक हित ही प्राथमिक मुद्दे हैं। उन्होंने कहा, 'हम संविधान और गीता से निर्देशित होते हैं, मनुस्मृति से नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर लगातार दबाव बना रहा है।