राजद एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ पटना में पोस्टर, ₹16.5 लाख गबन का कथित आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनिर्वाचित एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ 13 जून को पटना की सड़कों पर विवादास्पद पोस्टर लगाए गए, जिनमें उन पर ₹16.5 लाख के कथित गबन और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पोस्टर लगाने वाले संगठन या व्यक्ति की पहचान अब तक सामने नहीं आई है।
पोस्टर में क्या लिखा गया
पटना की सड़कों के किनारे लगाए गए इन पोस्टरों में सुनील सिंह को व्यंग्यात्मक लहजे में 'बिहार के नटवरलाल' कहते हुए एमएलसी बनने पर 'बधाई' दी गई है। पोस्टर में एफआईआर नंबर 305 का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि यादव समाज की एक महिला से कथित तौर पर ₹16.5 लाख की राशि का गबन किया गया। पोस्टर में सुनील सिंह के साथ उनके पुत्र यशस्वी और उनकी पत्नी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं, और उन पर भी गबन तथा धोखाधड़ी के कथित आरोपों का जिक्र किया गया है।
राजद में उभरा असंतोष
यह विवाद राजद द्वारा सुनील कुमार सिंह को एमएलसी चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही शुरू हो गया था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव और पुत्री रोहिणी आचार्या ने भी इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए। गौरतलब है कि पार्टी के भीतर से ही इस नियुक्ति का विरोध होना राजद के लिए असामान्य स्थिति है।
पूर्व मंत्री का इस्तीफा
असंतोष इतना गहरा रहा कि पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया। हालाँकि पार्टी ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब महागठबंधन बिहार में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश कर रहा है।
आगे क्या होगा
पोस्टर में उल्लिखित एफआईआर की पृष्ठभूमि और उसकी वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। राजद नेतृत्व की ओर से इस पोस्टर विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर इस पर है कि क्या यह आंतरिक असंतोष पार्टी की एकता को और प्रभावित करेगा।