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रोहिणी आचार्या का राजद पर हमला: 'गुटबाजी और वसूली करने वाले को MLC टिकट क्यों?'

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रोहिणी आचार्या का राजद पर हमला: 'गुटबाजी और वसूली करने वाले को MLC टिकट क्यों?'

सारांश

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने अपनी ही पार्टी राजद पर एक्स के जरिए हमला बोला — सुनील सिंह को MLC टिकट देने पर गुटबाजी, वसूली और अमर्यादित आचरण के आरोप लगाए। बिहार विधान परिषद चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन यह विद्रोह राजद के भीतर गहरे असंतोष की परत उघाड़ता है।

मुख्य बातें

रोहिणी आचार्या ने 8 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर राजद के सुनील सिंह को MLC टिकट देने का विरोध किया।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव; नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन था।
एनडीए घटक दलों ने 9 उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर दी है।
रोहिणी ने उम्मीदवार पर गुटबाजी, वसूली और अमर्यादित आचरण के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने नवंबर 2025 के चुनावी नुकसान का हवाला देते हुए कहा कि 'ऐसे ही लोगों की वजह से' पार्टी को नुकसान हुआ था।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी और सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्या ने 8 जून 2026 को अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जब यह खबर सामने आई कि राजद ने सुनील सिंह को एक बार फिर बिहार विधान परिषद में भेजने पर सहमति जताई है। बिहार विधान परिषद चुनाव में नामांकन दाखिल करने का सोमवार को आखिरी दिन था और 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए एनडीए घटक दलों ने पहले ही 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।

रोहिणी का एक्स पर सीधा हमला

रोहिणी आचार्या ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए पार्टी नेतृत्व के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने लिखा कि पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक मजबूती से खड़े समर्पित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरों की अनदेखी 'गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में कतई नहीं है।'

उन्होंने यादव, दलित, पिछड़े और वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व युवा नेताओं को दरकिनार किए जाने पर सवाल उठाया।

उम्मीदवार पर गंभीर आरोप

रोहिणी आचार्या ने बिना नाम लिए उम्मीदवार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि जिस व्यक्ति की फितरत 'गुटबाजी, भितरघात, विश्वासघात और मक्कारी' है, जो विरोधियों से मिलीभगत रखता है, नजदीकियों की बात बताकर उगाही-वसूली करता है और पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के सामने बहन-बेटियों के बारे में 'ओछी, अमर्यादित बातें' करता है — उसे उम्मीदवार कैसे बनाया गया?

पार्टी में असंतोष की पृष्ठभूमि

रोहिणी आचार्या ने अपनी पोस्ट में यह भी याद दिलाया कि 'बीते वर्ष के नवंबर में ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख चुका है।' यह संभावित संदर्भ नवंबर 2025 के बिहार उपचुनाव परिणामों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहाँ राजद को झटका लगा था।

उन्होंने सवाल किया कि क्या 'समर्पित-निष्ठावान कार्यकर्ताओं-नेताओं का टोंटा पड़ गया' और यह जिम्मेदारी तो लालू यादव ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने के लिए सौंपी थी।

राजद और एनडीए की चुनावी स्थिति

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों ने 9 उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर दी है। राजद की ओर से सुनील सिंह के नाम पर सहमति की खबर ने पार्टी के भीतर खुले असंतोष को हवा दे दी है। यह चुनाव बिहार की राजनीतिक ताकत के संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

आगे देखना होगा कि राजद नेतृत्व रोहिणी आचार्या की इस सार्वजनिक नाराजगी पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या उम्मीदवारी में कोई बदलाव होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पिछड़े और अल्पसंख्यक चेहरों की अनदेखी का आरोप लगा रही है। नवंबर 2025 के उपचुनाव में राजद को मिली ठोकर के बाद भी यदि नेतृत्व उसी ढर्रे पर चल रहा है, तो 2025-26 के बिहार चुनावी चक्र में यह आंतरिक दरार विपक्षी एकता की कमज़ोरी बन सकती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी आचार्या ने राजद के किस फैसले का विरोध किया?
रोहिणी आचार्या ने राजद द्वारा सुनील सिंह को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर उम्मीदवार पर गुटबाजी, वसूली और अमर्यादित आचरण के आरोप लगाए।
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में कितनी सीटें हैं?
इस चुनाव में कुल 10 सीटों पर मतदान होना है। एनडीए के घटक दलों ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जबकि नामांकन का आखिरी दिन 8 जून 2026 था।
रोहिणी आचार्या कौन हैं और राजद से उनका क्या संबंध है?
रोहिणी आचार्या राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं। वे सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
रोहिणी ने नवंबर 2025 का जिक्र क्यों किया?
रोहिणी आचार्या ने अपनी पोस्ट में कहा कि 'बीते वर्ष के नवंबर में ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख चुका है।' यह संभावित संदर्भ नवंबर 2025 के बिहार उपचुनाव परिणामों से जुड़ा माना जा रहा है।
क्या राजद नेतृत्व ने रोहिणी की आपत्ति पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी तक राजद नेतृत्व की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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