रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 का सफल समापन, 2,096 टीमों और 10,480 छात्रों की भागीदारी
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात में विज्ञान और तकनीक का विकास
- 2,096 टीमों और 10,480 छात्रों ने लिया भाग
- नवाचार के लिए 5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
- छात्रों के लिए रोबोटिक्स का नया अवसर
- सात श्रेणियों में पुरस्कार वितरण
अहमदाबाद, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 का समापन सोमवार को हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर से 2,096 टीमों और 10,480 छात्रों ने भाग लिया।
गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोधवाडिया ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में गुजरात ने एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। इसका श्रेय पीएम मोदी को जाता है। नरेंद्र मोदी ने 2003 में गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना की थी, और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल वैज्ञानिक सोच को आम जनता के बीच लाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आज के बच्चे जो पहले खिलौनों से खेलते थे, अब रोबोट बनाने में सक्षम हो रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। अगर गुजरात और देश की यही सोच जारी रही, तो हम भविष्य में रोबोटिक्स के क्षेत्र में अग्रणी बन सकते हैं। प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। उद्योग, अकादमी, छात्र और शोधकर्ता सभी ने इस में भाग लिया। आने वाले समय में ये बच्चे नए रोबोटिक उत्पादों को दुनिया के सामने लाएंगे।
उन्होंने कहा कि सात श्रेणियों में लगभग 1038 विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। यह विकसित भारत और विकसित गुजरात के लिए एक नई दिशा दिखाएंगे। इस पूरे कार्यक्रम में पांच करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई थी। सफल आइडिया के लिए 50 हजार रुपये दिए गए। जिनका ग्रांड फिनाले में चयन हुआ, उनके लिए पहले पुरस्कार 10 लाख, दूसरे पुरस्कार 7.50 लाख और तीसरे पुरस्कार 5 लाख का प्रावधान था। इस कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिशत गुजरात के स्कूलों और कॉलेजों का भागीदारी रहा। एनआईटी, आईआईटी, आयसर और राज्य विश्वविद्यालयों ने भी इसमें भाग लिया।
छात्र नरोत्तम साहू ने कहा कि मैं रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 में भाग लेने के लिए आभारी हूं। हमने एप्लीकेशन बेस्ड कैटेगरी में पहला पुरस्कार जीता है। हमारी टीम में चार सदस्य थे और हमारा परियोजना एक कृषि रोबोट था। हम वर्तमान में बीटेक कर रहे हैं। हमारे विश्वविद्यालय के प्रति विश्वास रखने के लिए धन्यवाद। हमारी नौ महीने की मेहनत सफल हुई है।