भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता: संकट के समय विपक्ष को राजनीति करने से बचना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार की विदेश नीति की सराहना
- विपक्ष की राजनीति पर चिंता
- असम चुनाव में भाजपा की संभावित जीत
- तुष्टिकरण की राजनीति का खतरा
- जनता के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता
गुवाहाटी, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही युद्ध के कारण देश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने बुधवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की सराहना की और कांग्रेस पर ऐसे समय में राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
रोहन गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "सच्चाई के लिए किसी दावे की जरूरत नहीं है। सभी को पता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बहुत सारे जहाज फंसे हैं। भारत सरकार अपनी कूटनीति से इसका समाधान खोज रही है। आज भी दो जहाज वहां से निकलकर भारत आ रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान जो कह रहा था कि हम मध्यस्थता करेंगे, लेकिन उसके जहाज ईरान ने वापस भेज दिए। हमारी कूटनीति शोर मचाने वाली नहीं है, बल्कि यह है कि जनता के विश्वास को कैसे बनाए रखा जाए। १४० करोड़ जनता की ऊर्जा-सुरक्षा को बनाए रखने के लिए शोर मचाने की आवश्यकता नहीं है। जनता तय करेगी कि किसकी कूटनीति बेहतर है।
उन्होंने आगे कहा, "जो लोग चिल्लाकर दूसरे देशों की तारीफ कर रहे थे, उन्हें अब जवाब देना चाहिए। ऐसे समय में विपक्ष को पैनिक बटन दबाकर राजनीति नहीं करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह संकट का समय है और १४० करोड़ भारतीयों को मिलकर इस संकट से बाहर निकलना है। विपक्ष को ऐसे हालात में राजनीति नहीं करनी चाहिए, वरना जनता कभी माफ नहीं करेगी।"
असम चुनाव से पहले कई कांग्रेसी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के संदर्भ में उन्होंने कहा, "असम की स्थिति स्पष्ट है। जनता ने तय कर लिया है कि उन्हें भाजपा-एनडीए के साथ आगे बढ़ना है। कांग्रेस की हालत ऐसी है क्योंकि उनके दरबारियों ने जमीनी हकीकत को ऊपर तक नहीं पहुंचाया। वे तुष्टिकरण की राजनीति में इतने लिप्त हो गए कि उन्हें यह नहीं पता चला कि असम की जनता क्या चाहती है। इसी स्थिति में उनके नेता, जो धरातल से जुड़े थे, जब उन्होंने देखा कि वे इस नैरेटिव के साथ जनता के बीच नहीं जा सकते, तो उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया।"
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी हार चुकी है और उन्होंने हथियार डाल दिए हैं। जनता की सोच और कांग्रेस पार्टी की हाईकमान की सोच में बहुत बड़ा फर्क आ चुका है। मैं असम चुनाव में भाजपा और एनडीए की अप्रत्याशित जीत की भविष्यवाणी कर रहा हूँ। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जिसकी देश के तीन राज्यों में सरकार है, लेकिन वहां वह कुछ नहीं कर पा रही है और केंद्र सरकार को हर दिन नया भाषण देती है।"
रोहन गुप्ता ने कहा, "आज २५ दिन हो गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। वहीं, कांग्रेस-शासित हिमाचल प्रदेश में सरकार ने सेस के नाम पर ५ रुपये तक कीमत बढ़ाने का आदेश दिया है। जनता ने कांग्रेस को देश के दो-तीन राज्यों में काम करने का मौका दिया है। उन्हें उन राज्यों में कुछ बेहतर करके दिखाना चाहिए, उसके बाद भाषण देना चाहिए। जनता जानती है कि कांग्रेस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।