रुद्रप्रयाग में मानसून आपदा की तैयारी: 340 राशन दुकानों तक तीन माह का स्टॉक, 7 सेक्टरों में भंडारण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं और खाद्य संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 3 अगस्त 2026 तक अपनी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। जिले की 340 सरकारी राशन दुकानों तक तीन महीने का अग्रिम राशन पहुँचाया जा चुका है, साथ ही यात्रा मार्गों और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार सुरक्षित किया गया है।
राशन वितरण की स्थिति
जिला आपूर्ति अधिकारी के. एस. कोहली ने बताया कि शासन की ओर से मानसून को ध्यान में रखते हुए तीन महीने के राशन का अग्रिम आवंटन जारी किया गया था। यह पूरा आवंटन गोदामों से उठाकर जिले की सभी 340 राशन दुकानों तक पहुँचा दिया गया है। अब राशन विक्रेता उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का राशन वितरित कर रहे हैं, ताकि भारी बारिश या सड़क बाधित होने की स्थिति में किसी को कठिनाई न हो।
कोहली ने यह भी बताया कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के लिए भी अग्रिम राशन आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इसके लिए आवश्यक कार्रवाई अभी से की जा रही है।
सात सेक्टरों में विभाजन और अतिरिक्त भंडारण
चारधाम यात्रा मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन सभी सेक्टरों में करीब दो महीने का अतिरिक्त राशन पहले से सुरक्षित रखा गया है, जो किसी भी आपदा या सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब उत्तराखंड में हर मानसून सीजन में भूस्खलन और बाढ़ के कारण दर्जनों सड़कें बाधित होती हैं और चारधाम यात्री कई-कई दिनों तक फँसे रहते हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में ऐसी स्थितियों में खाद्य और ईंधन संकट उत्पन्न हो चुका है।
भूस्खलन क्षेत्रों में विशेष प्रबंध
जिन स्थानों पर भूस्खलन की आशंका अधिक रहती है और जहाँ सड़कें प्रायः बाधित होती हैं, वहाँ यात्रियों के लिए पेयजल और सूखा नाश्ता पहले से रखा गया है। खराब मौसम में यात्रियों को रोकने की स्थिति में उन्हें तत्काल भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने यात्रा मार्ग पर होल्डिंग एरिया विकसित करने का निर्णय लिया है। इन स्थानों पर भोजन, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी और प्रशासन पहले से ही खाद्य सामग्री का भंडारण करेगा।
एलपीजी और ईंधन की स्थिति
कोहली के अनुसार जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों में सुरक्षित रखा गया है। आपदा की स्थिति में इन आरक्षित भंडारों का उपयोग राहत एवं बचाव कार्यों में किया जाएगा।
अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के सहयोग से भी खाद्य सामग्री का अतिरिक्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है, जिससे आपदा के समय राहत कार्यों में तेज़ी आएगी और स्थानीय निवासियों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी ज़रूरी सामान सुलभ हो सके।
प्रशासन की यह बहुस्तरीय तैयारी आने वाले महीनों में रुद्रप्रयाग में मानसून-जनित संकटों से निपटने की क्षमता की असली परीक्षा होगी।