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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ जा रही XUV 700 नदी किनारे 50 मीटर नीचे गिरी, पाँचों यात्री सुरक्षित

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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ जा रही XUV 700 नदी किनारे 50 मीटर नीचे गिरी, पाँचों यात्री सुरक्षित

सारांश

केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले पश्चिम बंगाल के पाँच श्रद्धालु रुद्रप्रयाग में उस वक्त मौत के मुँह से बचे, जब उनकी XUV 700 तिलवाड़ा के पास नदी किनारे 50 मीटर नीचे जा गिरी। पुलिस, SDRF और DDRF की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा टाला।

मुख्य बातें

7 जून 2026 को रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के पास महिंद्रा XUV 700 सड़क से 50 मीटर नीचे नदी किनारे जा गिरी।
वाहन में सवार पाँचों यात्री — पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु — सुरक्षित बचाए गए।
दो महिला यात्री गंभीर रूप से घायल; तीन अन्य को मामूली चोटें; सभी जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में उपचाराधीन।
घायलों में प्रिंस सिंह , सभीमा सिंह , सुजोन मुखर्जी , ऋजा मुखर्जी और चालक प्रदीप कुमार शामिल हैं।
पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ को सुबह 5 बजे सूचना मिलते ही टीम रवाना हुई।
दुर्घटना के कारणों की जाँच जारी; प्रारंभिक तौर पर वाहन का अनियंत्रित होना कारण माना जा रहा है।

रुद्रप्रयाग जनपद में 7 जून 2026 को तड़के एक गंभीर सड़क दुर्घटना में पश्चिम बंगाल से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले पाँच श्रद्धालु उस समय बाल-बाल बचे, जब उनकी महिंद्रा XUV 700 (वाहन संख्या UP-16 DK 0856) तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के समीप अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 50 मीटर नीचे नदी किनारे जा गिरी। पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हादसे का घटनाक्रम

रविवार सुबह पाँच बजे स्थानीय प्रशासन को दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), डीडीआरएफ और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। राहत दल ने नदी किनारे गिरे वाहन तक पहुँचने के लिए विशेष बचाव अभियान चलाया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घायलों की पहचान और उपचार

दुर्घटना में घायल यात्रियों की पहचान प्रिंस सिंह, सभीमा सिंह, सुजोन मुखर्जी, ऋजा मुखर्जी और वाहन चालक प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। इनमें दो महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि शेष तीन को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने से एक बड़ी जनहानि टल गई। दुर्घटना के कारणों की जाँच जारी है; प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वाहन का अचानक अनियंत्रित होना हादसे की वजह माना जा रहा है।

चारधाम यात्रा और सड़क सुरक्षा

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब चारधाम यात्रा के चलते पहाड़ी मार्गों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ा हुआ है। प्रशासन ने यात्रियों से सतर्कता बरतने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के संकरे पहाड़ी मार्गों पर यात्रा सीजन के दौरान इस तरह की दुर्घटनाएँ चिंता का विषय बनती रही हैं। इस बार सभी यात्रियों के सुरक्षित बच जाने से राहत की साँस ली जा रही है, लेकिन घटना पहाड़ी सड़कों पर वाहन संचालन में अधिक सावधानी की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल बचाव पर निर्भर रहेगा या मार्ग-क्षमता, वाहन-जाँच और चालक-प्रशिक्षण पर ठोस कदम उठाए जाएँगे। पहाड़ी पर्यटन की आर्थिक ज़रूरत और सड़क सुरक्षा के बीच यह तनाव तब तक बना रहेगा, जब तक नीतिगत प्राथमिकता नहीं बदलती।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा के दौरान क्या हादसा हुआ?
7 जून 2026 को तड़के रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के पास एक महिंद्रा XUV 700 अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 50 मीटर नीचे नदी किनारे जा गिरी। वाहन में पश्चिम बंगाल से केदारनाथ धाम जा रहे पाँच श्रद्धालु सवार थे।
क्या सभी यात्री सुरक्षित हैं?
हाँ, पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीम ने सभी पाँचों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दो महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हैं और तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं; सभी जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में उपचाराधीन हैं।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कौन-कौन सवार थे?
वाहन में प्रिंस सिंह, सभीमा सिंह, सुजोन मुखर्जी, ऋजा मुखर्जी और चालक प्रदीप कुमार सवार थे। ये सभी पश्चिम बंगाल से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे।
हादसे का कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में वाहन का अचानक अनियंत्रित होना हादसे का कारण माना जा रहा है। दुर्घटना के विस्तृत कारणों की जाँच अभी जारी है।
चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
प्रशासन ने यात्रियों से सतर्कता बरतने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा सीजन में यातायात का दबाव अधिक होता है, इसलिए वाहन की गति नियंत्रित रखना और अनुभवी चालक का होना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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