सहरसा में छोटू मिश्रा की हत्या का मामला: पुलिस ने <b>36 घंटे</b> में <b>5 आरोपियों</b> को गिरफ्तार किया

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सहरसा में छोटू मिश्रा की हत्या का मामला: पुलिस ने <b>36 घंटे</b> में <b>5 आरोपियों</b> को गिरफ्तार किया

सारांश

सहरसा में छोटू मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने 36 घंटे के भीतर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड के पीछे की साजिश और लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी की कहानी जानें।

Key Takeaways

  • सहरसा में हुई हत्या ने स्थानीय सुरक्षा को सवालों के घेरे में डाल दिया है।
  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • पुलिस ने हत्या से संबंधित कई हथियार बरामद किए हैं।
  • यह हत्या मुख्य आरोपी की पूर्व दुश्मनी का परिणाम है।
  • जांच में शामिल विशेष टीम ने संदिग्धों की पहचान जल्दी की।

पटना, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सहरसा जिले में पुलिस ने त्वरित और समन्वित प्रयासों के माध्यम से रविवार को सतीश झा उर्फ छोटू मिश्रा की हाई-प्रोफाइल हत्या से संबंधित मामले को 36 घंटे के भीतर सुलझा लिया।

यह घटना 13 मार्च को सहरसा के सदर पुलिस थाना क्षेत्र के मीरा टॉकीज के पास हुई, जहां बाइक पर सवार अपराधियों ने दिनदहाड़े छोटू मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी।

छोटू मिश्रा की हत्या के बाद, पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और मानव खुफिया जानकारी के सहारे तुरंत जांच शुरू की, जिससे मुख्य हमलावरों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर, मुख्य हमलावर रोहित कुमार उर्फ मिट्ठू को पड़ोसी जिले सुपौल से गिरफ्तार किया गया।

एक अन्य शूटर नवनीत कुमार को बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर से पकड़ा गया।

उनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर हत्या और हथियार छिपाने में शामिल थे।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के सहयोगी सौरभ कुमार मिश्रा के घर पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।

जब्त की गई वस्तुओं में चार पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक देसी पिस्तौल (कट्टा), दो मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस (7.65 मिमी और 9 मिमी) और हत्या में इस्तेमाल किया गया एक चाकू शामिल है।

एसपी हिमांशु कुमार ने कहा कि हथियारों का इतना बड़ा जखीरा बरामद होने से यह संकेत मिलता है कि अपराधी किसी बड़ी साजिश की योजना बना रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह हत्या लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का परिणाम थी।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करण टाइगर की हत्या अगस्त 2019 में हुई थी और उस मामले में छोटू मिश्रा मुख्य आरोपी था।

जांचकर्ताओं का मानना है कि यह ताजा हत्या करण टाइगर की हत्या के प्रतिशोध में की गई थी।

पुलिस ने सहरसा के सदर पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

Point of View

लेकिन यह घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों के बीच दुश्मनी और प्रतिशोध का चक्र समाप्त होना चाहिए।
NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

छोटू मिश्रा की हत्या कब हुई थी?
छोटू मिश्रा की हत्या 13 मार्च को हुई थी।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी रोहित कुमार उर्फ मिट्ठू है।
क्या पुलिस ने हथियार बरामद किए?
हाँ, पुलिस ने कई हथियार बरामद किए, जिसमें चार पिस्तौल और एक रिवॉल्वर शामिल हैं।
इस हत्या का कारण क्या था?
यह हत्या लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का परिणाम थी।
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