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समस्तीपुर में प्रसव के बाद महिला की निजी अस्पताल में मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर की तोड़फोड़

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समस्तीपुर में प्रसव के बाद महिला की निजी अस्पताल में मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर की तोड़फोड़

सारांश

समस्तीपुर में प्रसव के अगले दिन निजी अस्पताल में इंजेक्शन के पाँच मिनट बाद 30 वर्षीय राजकुमारी देवी की मौत — परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर सवेरा अस्पताल में तोड़फोड़ की, पुलिस जाँच जारी, मौत का कारण अभी अनिश्चित।

मुख्य बातें

राजकुमारी देवी (30 वर्ष), निवासी धोबौलिया गाँव, बिथान थाना , की हसनपुर बाजार के सवेरा अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।
राजकुमारी ने बुधवार को हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया था; अगले दिन हालत बिगड़ी।
पति कैलाश साह का आरोप — निजी अस्पताल में इंजेक्शन लगने के पाँच मिनट के भीतर हालत तेज़ी से बिगड़ी और मौत हुई।
परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाकर कथित तौर पर अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति नियंत्रित की; मृत्यु का आधिकारिक कारण अभी तक स्थापित नहीं।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी; जाँच जारी है।

बिहार के समस्तीपुर जिले के हसनपुर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में 2 अक्टूबर 2026 को एक 30 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान बिथान थाना क्षेत्र के धोबौलिया गाँव निवासी कैलाश साह की पत्नी राजकुमारी देवी के रूप में हुई है। मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और कथित तौर पर अस्पताल परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की।

घटनाक्रम: प्रसव से मौत तक

अधिकारियों के अनुसार, राजकुमारी देवी ने बुधवार को हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बच्चे को जन्म दिया था। अगले दिन उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

परिवार ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक सुजीत कुमार की सलाह पर राजकुमारी को हसनपुर बाजार के इमली चौक स्थित सवेरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके पति कैलाश साह का आरोप है कि निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया, और इंजेक्शन लगने के लगभग पाँच मिनट के भीतर ही उनकी हालत तेज़ी से बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई।

परिजनों का आक्रोश और तोड़फोड़

राजकुमारी की मृत्यु की खबर फैलते ही परिवार के सदस्य और अस्पताल में मौजूद अन्य लोग भड़क उठे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और कथित तौर पर परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की।

परिजनों ने माँग की है कि अस्पताल प्रबंधन राजकुमारी की मृत्यु की परिस्थितियों के बारे में स्पष्टीकरण दे। चिकित्सा लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

गड़बड़ी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में किया। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की।

राजकुमारी देवी की मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हो पाया है। पुलिस उनके इलाज और मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की जाँच कर रही है।

आगे क्या होगा

जाँच के निष्कर्ष और संभावित पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृत्यु की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। यह घटना बिहार में सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है, खासतौर पर प्रसव के बाद की देखभाल के मामले में।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक जाँच स्वतंत्र और पारदर्शी न हो, न लापरवाही साबित होगी और न जवाबदेही तय।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समस्तीपुर के सवेरा अस्पताल में क्या हुआ?
हसनपुर बाजार स्थित सवेरा अस्पताल में 30 वर्षीय राजकुमारी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके पति कैलाश साह के अनुसार, इंजेक्शन लगने के लगभग पाँच मिनट के भीतर उनकी हालत बिगड़ी और मृत्यु हो गई।
राजकुमारी देवी की मौत का कारण क्या है?
मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिस्थितियाँ स्पष्ट होने की उम्मीद है।
परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ क्यों की?
परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। राजकुमारी की मौत की खबर मिलते ही परिवार और अन्य मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और कथित तौर पर परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
गड़बड़ी की सूचना पर पुलिस तत्काल अस्पताल पहुँची, स्थिति को नियंत्रण में किया और परिवार व घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। मामले की जाँच जारी है।
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का क्या कहना है?
चिकित्सा लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। परिजनों ने अस्पताल से मृत्यु की परिस्थितियों पर स्पष्टीकरण की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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