24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संभल हिंसा: मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर NSA लागू, योगी सरकार की तीसरी सख्त कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संभल हिंसा: मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर NSA लागू, योगी सरकार की तीसरी सख्त कार्रवाई

सारांश

संभल हिंसा में योगी सरकार की तीसरी NSA कार्रवाई — इस बार मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर। दुबई से संचालित कथित साजिश, 138 गिरफ्तारियाँ और 4,025 पन्नों की चार्जशीट के बीच जाँच रिपोर्ट आने से पहले यह कदम सरकार के कड़े इरादे का संकेत है।

मुख्य बातें

योगी सरकार ने संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लागू किया।
वारिस पर आरोप है कि उसने 24 नवंबर 2024 की हिंसा में अवैध हथियार मुहैया कराए और फायरिंग की, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई।
इससे पहले मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर भी NSA लगाया जा चुका है — यह इस मामले में तीसरी ऐसी कार्रवाई है।
अब तक 138 आरोपियों की गिरफ्तारी; एसआईटी ने 4,025 पन्नों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
चार्जशीट में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क और जफर अली भी नामजद।
कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा वर्ष 2012 से दुबई में फरार बताया जाता है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लागू कर दिया है। 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में वारिस को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर दो लोगों की जान गई थी। यह इस मामले में NSA के तहत की गई तीसरी बड़ी कार्रवाई है।

मोहम्मद वारिस पर क्या हैं आरोप

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद वारिस वर्ष 2012 से दुबई में फरार चल रहे शारिक साठा का करीबी सहयोगी बताया जाता है। आरोप है कि वारिस ने हिंसा के दौरान अवैध हथियार मुहैया कराए और खुद भी फायरिंग में शामिल रहा। पुलिस का कहना है कि शारिक साठा के इशारे पर ही वारिस, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम ने मिलकर संभल में हिंसा की साजिश रची थी।

गिरफ्तारी और पूर्व NSA कार्रवाई

पुलिस ने 25 जनवरी 2025 को वारिस को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुल्ला अफरोज समेत 10 अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। मोहम्मद गुलाम को 20 फरवरी 2025 को संभल बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले सरकार मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर NSA लगा चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, मुल्ला अफरोज प्रॉपर्टी डीलर होने के साथ-साथ शारिक साठा के लिए भी काम करता था और दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी गाड़ियाँ चोरी कराकर नेपाल, पश्चिम बंगाल और असम में बेचता था।

जाँच की स्थिति और चार्जशीट

संभल हिंसा को लेकर कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। अब तक 138 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआईटी ने छह मुख्य मुकदमों में न्यायालय के समक्ष 4,025 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क, जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद वारिस को नामजद आरोपी बनाया गया है।

समय और रणनीतिक संदर्भ

यह ध्यान देने योग्य है कि वारिस पर NSA की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इस हिंसा मामले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने वाली है। इसे सरकार की ओर से हिंसा के विरुद्ध कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। NSA के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।

आगे क्या होगा

जाँच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद मामले में और खुलासे संभव हैं। दुबई में कथित तौर पर छिपे शारिक साठा को लेकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की अगली सुनवाई और चार्जशीट पर न्यायालय का रुख इस प्रकरण की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या ठोस साक्ष्य-आधारित अभियोजन की जगह प्रशासनिक हिरासत को विकल्प बनाया जा रहा है। दुबई में बैठे कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा पर कोई प्रत्यर्पण कार्रवाई न होना इस पूरी जाँच का सबसे कमज़ोर पहलू है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद वारिस पर NSA क्यों लगाया गया?
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद वारिस को संभल हिंसा का मास्टरमाइंड माना जाता है। उस पर आरोप है कि उसने 24 नवंबर 2024 की हिंसा में अवैध हथियार मुहैया कराए और फायरिंग में भाग लिया, जिसमें दो लोगों की जान गई।
संभल हिंसा कब और क्यों हुई थी?
संभल हिंसा 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के न्यायालय-आदेशित सर्वे के दौरान भड़की थी। इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई और व्यापक तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आईं।
संभल हिंसा में अब तक कितनी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
अब तक 138 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी ने छह मुख्य मुकदमों में 4,025 पन्नों की चार्जशीट न्यायालय के समक्ष दाखिल की है।
चार्जशीट में किन प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है?
एसआईटी की चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क, जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद वारिस को नामजद आरोपी बनाया गया है।
शारिक साठा कौन है और वह कहाँ है?
शारिक साठा को संभल हिंसा की साजिश का कथित सूत्रधार बताया जाता है। पुलिस के अनुसार वह वर्ष 2012 से दुबई में फरार है और उसी के इशारे पर हिंसा की साजिश रची गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले