सीएम नायब सिंह सैनी बोले — संविधान को जीवन में उतारें, तभी बनेगा विकसित भारत 2047
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 8 जून 2026 को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) इंडिया रीजन जोन-2 के कार्यक्रम में कहा कि यदि नागरिक संविधान को केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक मानें, तो 'विकसित भारत 2047' का सपना अवश्य साकार होगा। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर अशिम कुमार घोष भी उपस्थित रहे।
नाट्य प्रस्तुति ने किया संविधान निर्माण को जीवंत
कार्यक्रम का केंद्रबिंदु एक विशेष नाट्य प्रस्तुति रही, जिसमें भारत के संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा को मंच पर जीवंत किया गया। मुख्यमंत्री सैनी ने इस प्रस्तुति को 'अत्यंत प्रभावशाली और भावनात्मक' बताया। उन्होंने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों और संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया को नाटक के माध्यम से इस तरह प्रस्तुत करना एक प्रेरणादायी अनुभव था।
सैनी ने सुझाव दिया कि इस प्रकार की प्रस्तुतियाँ बच्चों और युवाओं को अवश्य दिखाई जानी चाहिए, ताकि उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना और संविधान के प्रति सम्मान बढ़े। उनके अनुसार, यह नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संदेश था।
सीएम सैनी का मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को सुरक्षा, अधिकार और समान अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संविधान की भावना को जीवन में उतारना ही वास्तविक राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। 'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना भी इसी संविधान की नींव पर टिकी है और इसे साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अपरिहार्य है।
सैनी ने यह भी कहा कि संविधान निर्माताओं ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश को एक सुदृढ़ लोकतांत्रिक ढाँचे में ढाला, और उस विरासत को समझना तथा आगे बढ़ाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है।
राज्यपालों की प्रतिक्रिया
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत का लोकतंत्र 75 वर्षों के बाद भी सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और इसका सबसे बड़ा आधार देश का संविधान है। उन्होंने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अधिकार और कर्तव्य दोनों प्रदान किए हैं। कटारिया ने स्पष्ट किया कि देश की जनता ही लोकतंत्र की असली शक्ति है — जब नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।
हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर अशिम कुमार घोष ने नाट्य प्रस्तुति को 'अनूठा प्रयास' बताया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जो देश को एकता और दिशा प्रदान करता है। घोष ने यह भी कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र बनेगा जो न केवल आंतरिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी देशों की भी सहायता करेगा।
आगे की राह
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब देशभर में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को लेकर संसदीय और प्रशासनिक स्तर पर विमर्श तेज़ हो रहा है। गौरतलब है कि CPA इंडिया रीजन के ऐसे आयोजन संसदीय परंपराओं को मज़बूत करने और जनप्रतिनिधियों के बीच संवैधानिक मूल्यों की समझ गहरी करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं। नेताओं के इस संयुक्त संदेश से स्पष्ट है कि संविधान की भावना को जन-जन तक पहुँचाना आने वाले वर्षों की प्राथमिकता होगी।