27 अगस्त 2026
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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर पलटवार: 'पहले अपने कार्यकाल के अपराध आंकड़े देखें'

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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर पलटवार: 'पहले अपने कार्यकाल के अपराध आंकड़े देखें'

सारांश

हरियाणा विधानसभा सत्र के पहले ही दिन CM नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को आईना दिखाया — कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों से कहा कि पहले अपने शासनकाल के अपराध आंकड़े देखें। 1984 के दंगों का हवाला देकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला और युवाओं से सच जानने की अपील की।

मुख्य बातें

CM नायब सिंह सैनी ने 27 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष पर पलटवार किया।
INLD सदस्यों आदित्य देवी लाल और अर्जुन चौटाला के 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' के जवाब में सैनी ने कानून-व्यवस्था पर तथ्य-आधारित चर्चा की माँग रखी।
सैनी ने विपक्ष के काले कपड़ों पर तंज कसते हुए कहा — 'जनता काले कपड़े नहीं, काले कारनामे देख रही है।' 1984 के दंगों का उल्लेख कर कांग्रेस पर निशाना साधा; राहुल गांधी और भूपेंद्र हुड्डा को सीधे संबोधित किया।
युवा पीढ़ी से अपील — कांग्रेस शासनकाल की सच्चाई स्वयं जानें, भ्रामक प्रचार पर निर्भर न रहें।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 27 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष पर कड़ा पलटवार किया। सैनी ने स्पष्ट कहा कि जो दल हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल के अपराध आंकड़ों और घटनाओं का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर तीखा जवाब

इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के सदस्यों आदित्य देवी लाल और अर्जुन चौटाला द्वारा हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लाए गए 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा ज़रूर होनी चाहिए, लेकिन वह चर्चा तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए — राजनीतिक सुविधा या भ्रामक प्रचार पर नहीं।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि 'वे पीड़ित के आंसू पोंछने से पहले ही राजनीतिक मौका ढूंढने लगते हैं। उन्हें अपराध से होने वाले दर्द की उतनी चिंता नहीं होती, जितनी सरकार को बदनाम करने की जल्दी होती है।'

विपक्ष के काले कपड़ों पर तंज

सैनी ने कहा कि विपक्ष के सदस्य उस दिन सदन में काले कपड़े पहनकर आए थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'हरियाणा की जनता उनके काले कपड़ों को नहीं, बल्कि उनके काले कारनामों को देख रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन जनता को यह जानने का भी उतना ही अधिकार है कि विपक्ष के शासनकाल में राज्य ने अपराध, भ्रष्टाचार, जातीय हिंसा, भर्ती घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं के कितने गहरे घाव सहे।

1984 के दंगों का संदर्भ और कांग्रेस पर हमला

1984 के दंगों का उल्लेख करते हुए सैनी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस दौर को याद करके ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं — लोगों के गले में टायर डालकर उन्हें जिंदा जलाया गया, चौराहों पर आग के हवाले किया गया, और कई लोगों को जान बचाने के लिए अपने बाल तक कटवाने पड़े।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1984 के दंगों के लिए आज तक माफी नहीं मांगी, और उस दौर से जुड़े व्यक्ति को 'रोल मॉडल' बताया जा रहा है। सैनी ने कहा कि यह पीड़ितों के पुराने घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को सलाह दी कि वे उस व्यक्ति की तस्वीर अपने घरों के अंदर और बाहर लगाएं जिसे कांग्रेस अपना 'रोल मॉडल' बताती है।

युवाओं से अपील और आगे की राह

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जिन युवाओं ने कांग्रेस शासन का कठिन दौर नहीं देखा, उन्हें उस कालखंड के बारे में स्वयं जानकारी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठे प्रचार के ज़रिये युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

सैनी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर लगाए जा रहे प्रशासनिक विफलता के आरोपों को 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली स्थिति बताया और कहा कि विपक्ष के नेताओं को सिर्फ आरोप लगाना और सदन से बाहर चले जाना आता है — सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत उनमें नहीं है। यह टकराव आने वाले विधानसभा सत्र में कानून-व्यवस्था की बहस को और तीखा बनाने के संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ी चूक भी है — विपक्ष के कार्यकाल की आलोचना करने से वर्तमान सरकार की जवाबदेही स्वतः नहीं बनती। 1984 के दंगों का संदर्भ भावनात्मक रूप से प्रभावी है, पर यह आज की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ठोस आंकड़े देने का विकल्प नहीं बन सकता। INLD का 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' एक संसदीय प्रक्रिया थी जिसका जवाब तथ्यों से होना चाहिए था — ऐतिहासिक तुलनाओं से नहीं। हरियाणा में सत्ता-विपक्ष की यह बयानबाज़ी उस पुरानी परिपाटी को दोहराती है जिसमें असली नागरिक सुरक्षा के सवाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दब जाते हैं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को क्या जवाब दिया?
सैनी ने कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को पहले अपने शासनकाल के अपराध आंकड़े और घटनाएं देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पीड़ित की मदद से पहले राजनीतिक मौका तलाशता है।
INLD का 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' किस विषय पर था?
INLD सदस्यों आदित्य देवी लाल और अर्जुन चौटाला ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर यह प्रस्ताव लाया था। यह विधानसभा सत्र के पहले दिन 27 अगस्त 2026 को पेश किया गया।
सैनी ने 1984 के दंगों का ज़िक्र क्यों किया?
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सैनी ने 1984 के दंगों का उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस ने उन घटनाओं के लिए कभी माफी नहीं मांगी। उन्होंने राहुल गांधी और पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा को उस दौर से जुड़े व्यक्ति को 'रोल मॉडल' बताने पर आपत्ति जताई।
सैनी ने हरियाणा के युवाओं से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे कांग्रेस शासनकाल की वास्तविकता खुद जानें और भ्रामक प्रचार से गुमराह न हों। उन्होंने कहा कि उस दौर में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की हालत बेहद खराब थी।
विधानसभा सत्र में विपक्ष का रवैया कैसा रहा?
सैनी के अनुसार विपक्षी सदस्य काले कपड़े पहनकर सदन में आए और आरोप लगाने के बाद बाहर चले गए। सैनी ने कहा कि उनमें सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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