संसद गतिरोध पर सपा सांसद रमाशंकर राजभर का हमला: 'सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी, भाजपा घबराई हुई है'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रमाशंकर राजभर ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संसद में जारी गतिरोध के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सदन को सुचारु रूप से चलाने की संवैधानिक जिम्मेदारी सरकार की है, इसलिए विपक्ष पर आरोप मढ़ना तथ्यों से भागना है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विपक्षी कार्यक्रमों को दबाने और युवाओं से संवाद के दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
मौलाना के बयान की निंदा
मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कांवड़ यात्रियों की तुलना आतंकवादियों से किए जाने के विवादित बयान पर राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं। उनके अनुसार, किसी भी धर्मगुरु को किसी समुदाय की धार्मिक आस्था और उसके आयोजनों पर इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान अनिवार्य है तथा ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को गहरी चोट पहुँचाते हैं।
आरएसएस के जेनजी आउटरीच पर तंज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा युवा पीढ़ी (Gen Z) से संवाद स्थापित करने की पहल पर राजभर ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा — 'अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।' उन्होंने माँग की कि पहले BJP और RSS सोशल मीडिया पर आरक्षण विरोधी पोस्ट करने वाले अपने समर्थकों और युवाओं पर लगाम लगाएँ। राजभर ने सवाल उठाया कि आखिर किस Gen Z से संवाद की बात हो रही है — उन युवाओं से जिन पर पायलट गन से फायरिंग हुई, करंट लगाए गए, लाठीचार्ज हुआ और जिनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई? उनके अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई।
राहुल गांधी का प्रयागराज कार्यक्रम रद्द होने पर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित छात्र-संवाद कार्यक्रम को अंतिम समय में रद्द किए जाने पर राजभर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए लगभग 15 से 20 दिन पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में दबाव बनाकर वह अनुमति वापस ली गई ताकि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद न कर सकें। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात करते-करते BJP अपने ही कार्यों से 'कांग्रेस-युक्त भारत' बना रही है।
संसद गतिरोध: विपक्ष की दो प्रमुख माँगें
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा संसद के गतिरोध के लिए कांग्रेस और विपक्ष को जिम्मेदार ठहराए जाने पर राजभर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की कोई निजी माँग नहीं है — केवल दो जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब माँगा जा रहा है। पहला, छात्रों पर हुई कथित दंडात्मक कार्रवाई पर गृह मंत्री का संसद में बयान। दूसरा, करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े मंदिरों में चढ़ावा चोरी के मामले पर सरकार की स्पष्ट स्थिति। राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्री सोशल मीडिया के बजाय संसद में आकर जवाब दें।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार व्यवधान की भेंट चढ़ रहा है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। गौरतलब है कि प्रयागराज शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और वहाँ छात्र-संवाद कार्यक्रम रद्द होना राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। यदि सरकार संसद में विपक्ष की माँगों पर स्पष्ट बयान नहीं देती, तो गतिरोध के और गहरा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।