21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सर्वांगासन: बढ़ती उम्र की समस्याओं का कारगर समाधान, आयुष मंत्रालय की सलाह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सर्वांगासन: बढ़ती उम्र की समस्याओं का कारगर समाधान, आयुष मंत्रालय की सलाह

सारांश

आयुष मंत्रालय ने वृद्धावस्था की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के रूप में सर्वांगासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है। विश्व योग दिवस 2026 की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि सही मार्गदर्शन में किया गया यह आसन थायरॉइड, पाचन और रक्त संचार सहित कई समस्याओं में कारगर है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने वृद्धावस्था में स्वस्थ जीवन के लिए सर्वांगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है।
विश्व योग दिवस 2026 की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ रखी गई है।
यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय कर हार्मोन संतुलन बनाए रखता है।
कब्ज, अपच, गैस जैसी पाचन समस्याओं और रक्त संचार में सुधार में सहायक।
गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप के मरीज़ों को विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करना चाहिए।

बढ़ती उम्र के साथ आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड) को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है। मंत्रालय के अनुसार, यह योग मुद्रा वृद्धावस्था में पाचन, हार्मोन संतुलन और रक्त संचार जैसी कई आम समस्याओं को दूर करने में प्रभावी मानी जाती है।

विश्व योग दिवस 2026 की थीम

विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर इस बार ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ को आधिकारिक थीम के रूप में अपनाया जा रहा है। मंत्रालय का उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल युवाओं तक सीमित अभ्यास नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के लिए भी समान रूप से लाभकारी है। सर्वांगासन जैसे आसनों को नियमित अपनाकर वृद्धावस्था में भी सक्रिय और सेहतमंद जीवन जिया जा सकता है।

सर्वांगासन के स्वास्थ्य लाभ

सर्वांगासन को योग की प्रमुख मुद्राओं में गिना जाता है, जिसमें शरीर को कंधों के बल उल्टा रखा जाता है। यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय कर हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही यह कब्ज, अपच और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में भी सहायक बताया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह आसन रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे मानसिक सतर्कता और एकाग्रता पर सकारात्मक असर पड़ता है। यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को संतुलित रखने में भी भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

योग विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ बुढ़ापा केवल शारीरिक गतिविधि का परिणाम नहीं, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने से जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि छोटी-छोटी अच्छी आदतें आज अपनाई जाएँ, तो आने वाले वर्षों में सक्रिय और रोगमुक्त वृद्धावस्था सुनिश्चित की जा सकती है। नियमित योग अभ्यास उम्र बढ़ने के साथ आने वाली कमजोरी, थकान और कई पुरानी बीमारियों से बचाव करता है।

अभ्यास में बरतें ये सावधानियाँ

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि शुरुआत में सर्वांगासन को सही तकनीक से सीखना आवश्यक है, अन्यथा चोट लगने का जोखिम बना रहता है। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करने की सलाह दी गई है। जिन लोगों को गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें यह आसन किसी योग्य विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

आगामी विश्व योग दिवस के मद्देनज़र आयुष मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों और प्रशिक्षण सत्रों की योजना पर काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक बुज़ुर्ग इस अभ्यास का सुरक्षित तरीके से लाभ ले सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे में आयुष मंत्रालय का ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ पर ज़ोर समय की माँग है। हालाँकि, सर्वांगासन जैसे उन्नत आसनों की सार्वजनिक सिफारिश के साथ यह भी ज़रूरी है कि सुरक्षित अभ्यास के लिए संस्थागत प्रशिक्षण ढाँचा खड़ा किया जाए — क्योंकि बुज़ुर्गों में गर्दन और रीढ़ की चोट का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है। केवल थीम और सलाह से आगे बढ़कर मंत्रालय को आयु-अनुकूल योग प्रोटोकॉल और प्रमाणित प्रशिक्षकों का नेटवर्क ज़मीन पर उतारना होगा। तभी यह पहल सुर्खी से सेहत तक का सफर पूरा कर पाएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वांगासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है?
सर्वांगासन योग की एक प्रमुख मुद्रा है, जिसे शोल्डर स्टैंड भी कहा जाता है। इसमें शरीर को कंधों के बल पर उल्टा संतुलित किया जाता है, जिससे थायरॉइड, पाचन तंत्र और रक्त संचार पर सकारात्मक असर पड़ता है।
बुज़ुर्गों के लिए सर्वांगासन के क्या फायदे हैं?
यह आसन वृद्धावस्था में हार्मोन संतुलन बनाए रखने, कब्ज और अपच जैसी पाचन समस्याओं को कम करने तथा मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने में सहायक माना गया है। नियमित अभ्यास से थकान और कमज़ोरी जैसी उम्र-संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।
विश्व योग दिवस 2026 की थीम क्या है?
विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ थीम को अपनाया जा रहा है। आयुष मंत्रालय इसके ज़रिए वरिष्ठ नागरिकों में योग को बढ़ावा देना चाहता है।
सर्वांगासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
जिन लोगों को गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें यह आसन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही अभ्यास सुरक्षित माना जाता है।
आयुष मंत्रालय ने यह सलाह क्यों जारी की है?
मंत्रालय का मानना है कि योग केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वृद्धावस्था में स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। सर्वांगासन जैसे आसनों को दिनचर्या में शामिल कर बुज़ुर्ग कई पुरानी बीमारियों से बचाव कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले