सर्वांगासन: बढ़ती उम्र की समस्याओं का कारगर समाधान, आयुष मंत्रालय की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
बढ़ती उम्र के साथ आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड) को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है। मंत्रालय के अनुसार, यह योग मुद्रा वृद्धावस्था में पाचन, हार्मोन संतुलन और रक्त संचार जैसी कई आम समस्याओं को दूर करने में प्रभावी मानी जाती है।
विश्व योग दिवस 2026 की थीम
विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर इस बार ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ को आधिकारिक थीम के रूप में अपनाया जा रहा है। मंत्रालय का उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल युवाओं तक सीमित अभ्यास नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के लिए भी समान रूप से लाभकारी है। सर्वांगासन जैसे आसनों को नियमित अपनाकर वृद्धावस्था में भी सक्रिय और सेहतमंद जीवन जिया जा सकता है।
सर्वांगासन के स्वास्थ्य लाभ
सर्वांगासन को योग की प्रमुख मुद्राओं में गिना जाता है, जिसमें शरीर को कंधों के बल उल्टा रखा जाता है। यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय कर हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही यह कब्ज, अपच और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में भी सहायक बताया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आसन रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे मानसिक सतर्कता और एकाग्रता पर सकारात्मक असर पड़ता है। यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को संतुलित रखने में भी भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
योग विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ बुढ़ापा केवल शारीरिक गतिविधि का परिणाम नहीं, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने से जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि छोटी-छोटी अच्छी आदतें आज अपनाई जाएँ, तो आने वाले वर्षों में सक्रिय और रोगमुक्त वृद्धावस्था सुनिश्चित की जा सकती है। नियमित योग अभ्यास उम्र बढ़ने के साथ आने वाली कमजोरी, थकान और कई पुरानी बीमारियों से बचाव करता है।
अभ्यास में बरतें ये सावधानियाँ
विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि शुरुआत में सर्वांगासन को सही तकनीक से सीखना आवश्यक है, अन्यथा चोट लगने का जोखिम बना रहता है। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करने की सलाह दी गई है। जिन लोगों को गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें यह आसन किसी योग्य विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
आगामी विश्व योग दिवस के मद्देनज़र आयुष मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों और प्रशिक्षण सत्रों की योजना पर काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक बुज़ुर्ग इस अभ्यास का सुरक्षित तरीके से लाभ ले सकें।