अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की वित्त वर्ष 2026 में 15.9% क्रेडिट ग्रोथ, कुल बकाया कर्ज ₹212.9 लाख करोड़ पहुँचा
सारांश
मुख्य बातें
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15.9 प्रतिशत की मज़बूत क्रेडिट ग्रोथ दर्ज की है, जो वित्त मंत्रालय के अनुसार मज़बूत आर्थिक गतिविधियों और कर्ज़ की बढ़ती माँग को दर्शाती है। 5 मई 2026 को जारी सरकारी बयान के मुताबिक, मार्च 2026 तक कुल बकाया कर्ज़ ₹212.9 लाख करोड़ तक पहुँच गया — जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹29.2 लाख करोड़ अधिक है।
नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ में उल्लेखनीय उछाल
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ भी 15.9 प्रतिशत रही। यह वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि के 10.9 प्रतिशत की तुलना में 497 बेसिस प्वाइंट अधिक है। गौरतलब है कि यह वृद्धि व्यापक आधार पर हुई, जिसमें सर्विस सेक्टर, पर्सनल लोन, कृषि और उद्योग — सभी क्षेत्रों का सकारात्मक योगदान रहा।
कृषि और उद्योग क्षेत्र में मज़बूत प्रदर्शन
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 15.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष के 10.4 प्रतिशत की तुलना में 528 बेसिस प्वाइंट अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बनी माँग और ग्रामीण कर्ज़ के औपचारिककरण ने प्राथमिक क्षेत्र में कर्ज़ वितरण की सकारात्मक गति बनाए रखी।
उद्योग क्षेत्र में कर्ज़ वितरण लगभग दोगुनी दर से बढ़कर 15.0 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 8.2 प्रतिशत था। इस वृद्धि के प्रमुख कारणों में इंफ्रास्ट्रक्चर, बेसिक मेटल, केमिकल्स, पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और न्यूक्लियर फ्यूल्स जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
सूक्ष्म और लघु उद्योगों में रिकॉर्ड वृद्धि
माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज में 33.1 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 3.7 गुना अधिक क्रेडिट ग्रोथ को दर्शाती है। मध्यम आकार के उद्योगों में भी 21.7 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार MSME क्षेत्र को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने पर ज़ोर दे रही है।
सर्विस सेक्टर और पर्सनल लोन की अग्रणी भूमिका
सर्विस सेक्टर, जो कुल क्रेडिट में 28 प्रतिशत का योगदान देता है, ने साल-दर-साल आधार पर 19.0 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की — जबकि पिछले वर्ष यह 12.0 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC), ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट में बढ़ती माँग के कारण रही।
पर्सनल लोन सेगमेंट, जिसकी कुल क्रेडिट में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है, वित्त वर्ष 2026 में 16.2 प्रतिशत बढ़ा — जो पिछले वर्ष के 11.7 प्रतिशत के मुकाबले 455 बेसिस प्वाइंट अधिक है। हाउसिंग सेगमेंट में वृद्धि स्थिर रही, जबकि वाहन लोन और सोने के आभूषण के बदले दिए जाने वाले लोन में मज़बूत बढ़त जारी रही। आने वाले तिमाहियों में इस गति के बने रहने पर बाज़ार विश्लेषकों की नज़र रहेगी।