सिंधिया बोले: 12 वर्षों में भारत ने ₹12.2 लाख करोड़ के बुनियादी ढाँचे से लिखी नई इबारत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार, 9 जून 2026 को हरियाणा के रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'विश्वास, विकास और जनकल्याण की परिवर्तनकारी यात्रा' बताया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने स्थिरता और तीव्र विकास का ऐसा संतुलन स्थापित किया है, जिसने देश को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है। 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर देश की यात्रा जारी है, यह उन्होंने रेखांकित किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण
सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा नीति की दृढ़ता को रेखांकित किया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए इन्हें आतंकवाद के विरुद्ध सरकार की अडिग नीति का प्रमाण बताया। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने जीएसटी के माध्यम से लागू 'वन नेशन, वन टैक्स' प्रणाली को देश के आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती पहचान
मंत्री ने कहा कि भारत ने इस अवधि में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को नई ऊँचाई दी है। वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक देशों को सहायता प्रदान की गई। जी-20 की सफल अध्यक्षता ने वैश्विक कूटनीति में भारत का कद बढ़ाया, जबकि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने देश की सांस्कृतिक शक्ति को विश्व पटल पर स्थापित किया। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के संदर्भ में उन्होंने अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास को 'विकास भी और विरासत भी' नीति का मूर्त रूप बताया।
बुनियादी ढाँचे में ऐतिहासिक निवेश
आँकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढाँचे पर सरकारी निवेश लगभग ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ हो गया है। ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार कर लगभग 4 लाख किलोमीटर तक पहुँचाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गई है। सड़क निर्माण की गति 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से छलाँग लगाकर 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुँच गई है।
रेलवे क्षेत्र में 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और 1,337 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना प्रगति पर है। देश में वर्तमान में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
डिजिटल इंडिया और जनकल्याण योजनाओं का प्रभाव
सिंधिया ने बताया कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत लाखों किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित किया गया है, जिससे इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेज़ उछाल आया है। यूपीआई के ज़रिये डिजिटल भुगतान में भारत अब वैश्विक अग्रणी बन चुका है।
जनकल्याणकारी योजनाओं के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 81 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। जनधन योजना के तहत 58 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से करोड़ों लोगों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई गई हैं।
आगे की राह: 2047 का संकल्प
सम्मेलन के समापन में सिंधिया ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास और सामाजिक कल्याण का जो सुदृढ़ आधार तैयार किया है, वह आने वाले वर्षों में और गति पकड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।