सिंधिया का रोहतक में दावा: 12 वर्षों में ₹2 लाख करोड़ से ₹12.2 लाख करोड़ हुआ बुनियादी ढाँचा निवेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार, 9 जून 2026 को हरियाणा के रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों का कार्यकाल 'विश्वास, विकास और जनकल्याण की परिवर्तनकारी यात्रा' रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने स्थिरता और तेज़ विकास का ऐसा संतुलन स्थापित किया जिसने देश को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया।
बुनियादी ढाँचे में उल्लेखनीय विस्तार
सिंधिया ने आँकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले 12 वर्षों में आधारभूत संरचना पर सरकारी निवेश लगभग ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ हो गया है — यानी छह गुना से अधिक की वृद्धि। ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क लगभग 4 लाख किलोमीटर तक विस्तारित हुआ है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गई है। सड़क निर्माण की दैनिक गति 11.6 किलोमीटर से बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो जाने का दावा भी उन्होंने किया।
रेलवे क्षेत्र में उन्होंने बताया कि 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और 1,337 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना प्रगति पर है। देश में फिलहाल 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक पहचान
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की 'दृढ़ नीति' का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी के ज़रिए 'वन नेशन, वन टैक्स' प्रणाली लागू होना आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम था।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती उपस्थिति का ज़िक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक देशों को सहायता दी गई, जी-20 की सफल अध्यक्षता ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई दी और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने देश की सांस्कृतिक शक्ति को विश्व स्तर पर स्थापित किया।
सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण
सांस्कृतिक विकास पर बोलते हुए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास को 'विकास भी और विरासत भी' नीति का परिणाम बताया। गौरतलब है कि इन परियोजनाओं को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के नज़रिए से भी देखा जाता है।
जनकल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 81 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। जनधन योजना के तहत 58 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को आवास मिले हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन को भी उन्होंने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का प्रमाण बताया।
डिजिटल इंडिया और 2047 का लक्ष्य
डिजिटल मोर्चे पर सिंधिया ने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत लाखों किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है और यूपीआई के ज़रिए भारत डिजिटल भुगतान में वैश्विक अग्रणी बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2047 तक 'विकसित राष्ट्र' बनने की दिशा में अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहा है। सिंधिया ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में विकास की यह गति और तेज़ होगी।