एसजीपीजीआई के 30वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का आह्वान: एनआईआरएफ में नंबर-1 बनें, गाँव-गाँव पहुँचे स्वास्थ्य सेवा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 14 जुलाई 2026 को संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई), लखनऊ का 30वाँ दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर 279 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं और सभी डिग्रियाँ डिजीलॉकर पर अपलोड की गईं। राज्यपाल ने संस्थान को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में देश में पहला स्थान दिलाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह के दौरान बहराइच जिले के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्वास्थ्य किट वितरित की गईं और 300 बालिकाओं का एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण कराया गया। राज्यपाल ने बताया कि अब तक कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से प्रदेश के 65,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
राज्यपाल ने 1980 में स्थापित एसजीपीजीआई को एनआईआरएफ रैंकिंग में पाँचवाँ स्थान मिलने पर बधाई दी और कहा कि अब संस्थान का अगला लक्ष्य पहला स्थान होना चाहिए। उन्होंने संस्थान की कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आग्रह किया।
फैकल्टी विस्तार और शोध पर जोर
राज्यपाल ने वर्ष 2022 के बाद छह चरणों में 213 नए फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति तथा वर्ष 2026 में 100 नए फैकल्टी के चयन को संस्थान की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने चिकित्सकों और शोधकर्ताओं से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य समस्याओं पर केंद्रित शोध करने और उनके स्थायी समाधान विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने संयुक्त शोध, पुस्तक लेखन और अधिक से अधिक पेटेंट विकसित करने पर भी जोर दिया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को भेजी गई 100 शोध परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा और टीकाकरण पर निर्देश
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा संस्थानों का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं होना चाहिए — बीमारियों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य सुधार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान को अस्पताल की चारदीवारी से बाहर निकलकर गाँव-गाँव स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और प्रत्येक महिला एवं बच्चे तक सेवाएँ पहुँचाने के निर्देश दिए।
बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण को महिला स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस विभाग और संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। किशोरियों में मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए इन विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी वकालत की।
परिसर सुधार और समग्र मूल्यांकन
परिसर निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने भवनों में पानी रिसाव, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने, वाई-फाई, वाशिंग मशीन, पुस्तकालय में नए कंप्यूटर, नियमित बीएमआई परीक्षण तथा परिसर को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पदकों का आधार केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ नहीं होनी चाहिए — स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और समग्र व्यक्तित्व विकास को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाए। एचपीवी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए बहराइच के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को सम्मानित किया गया।
सरकार की प्रतिबद्धता: बजट तीन गुना बढ़ा
समारोह में उपस्थित उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में एसजीपीजीआई का बजट लगभग ₹700 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2,200 करोड़ से अधिक हो गया है। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और समर्पण के साथ सेवा करने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि यह समारोह ऐसे समय में हुआ जब उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। एसजीपीजीआई का पाँच वर्षीय विजन समयबद्ध कार्ययोजना के साथ लागू करने की दिशा में यह समारोह एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।