14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वक्फ बोर्ड घोटाले की जांच की मांग: रजवी बरेलवी के पत्र को अयोध्या के संतों का समर्थन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वक्फ बोर्ड घोटाले की जांच की मांग: रजवी बरेलवी के पत्र को अयोध्या के संतों का समर्थन

सारांश

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र ने अयोध्या में नई बहस छेड़ दी है। संतों ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ बोर्ड में कथित घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग का समर्थन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वक्फ बोर्ड में कथित घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने पत्र को सराहनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की माँग की।
महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने दावा किया कि कथित घोटाला समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ और इसमें वक्फ जमीन, मदरसों, मस्जिदों व दरगाहों की संपत्तियाँ शामिल हैं।
संतों ने विपक्षी नेताओं — अखिलेश यादव , राहुल गांधी और अजय राय — पर वक्फ घोटाले पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
सभी संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताया कि वे दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेंगे।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे गए पत्र — जिसमें उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है — को अयोध्या के प्रमुख संतों ने 14 जुलाई को खुलकर समर्थन दिया। संतों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग दोहराई।

साकेत भवन मंदिर के महंत का समर्थन

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने मौलाना रजवी बरेलवी की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में यदि वक्फ बोर्ड में किसी प्रकार का घोटाला हुआ है, तो उसकी उच्च स्तरीय जांच अवश्य होनी चाहिए। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी कथित घोटालों का खुलासा किया जाएगा।

महंत सीताराम दास ने यह भी कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध न्यायसंगत और विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए — ताकि भविष्य में कोई भी किसी भी धर्म या मजहब की संपत्तियों में गड़बड़ी करने का साहस न कर सके। उन्होंने मौलाना रजवी से अपने समुदाय के हित में इसी प्रकार कार्य करते रहने की अपील भी की।

महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज की प्रतिक्रिया

महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि मौलाना रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव के शासनकाल में वक्फ बोर्ड में हुए कथित अरबों-खरबों रुपए के घोटाले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया कि इस पत्र में वक्फ बोर्ड की जमीन, मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों में हुई कथित भारी अनियमितताओं का जिक्र है।

उन्होंने कहा कि मौलाना रजवी बरेलवी ने सच्चाई का साथ दिया है और उनके इस कदम से स्पष्ट होता है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भी वक्फ बोर्ड में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार, अब इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

विपक्ष पर निशाना

महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी, अजय राय या समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता वक्फ बोर्ड घोटाले पर सवाल नहीं उठाएगा। उनके अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चुनावी फायदे के लिए शोर मचाने वाले ये नेता वक्फ बोर्ड के कथित घोटाले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपेक्षाएं

संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे दोषियों को नहीं बख्शेंगे और वक्फ बोर्ड घोटाले की पूरी जांच कराकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। गौरतलब है कि यह मांग ऐसे समय में उठी है जब देशभर में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस चल रही है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और जांच की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ध्यान देने योग्य है कि पत्र में लगाए गए आरोप अभी तक कथित हैं और किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा सत्यापित नहीं हुए हैं। अयोध्या के संतों का इस पत्र को तत्काल समर्थन देना राजनीतिक संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जा सकता — खासकर जब बयानों में विपक्षी दलों पर सीधे निशाना साधा गया हो। असली कसौटी यह होगी कि राज्य सरकार इस मांग पर कोई ठोस और स्वतंत्र जांच प्रक्रिया शुरू करती है या यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री को पत्र क्यों लिखा?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पत्र में वक्फ बोर्ड की जमीन, मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों में कथित भारी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
अयोध्या के संतों ने इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी?
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास और महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज सहित अयोध्या के संतों ने पत्र का स्वागत किया और निष्पक्ष जांच की माँग का समर्थन किया। उन्होंने दोषियों पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की अपील की।
वक्फ बोर्ड घोटाले में किस दल पर आरोप लगाए गए हैं?
संतों और मौलाना रजवी बरेलवी के पत्र में समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। ये आरोप अभी कथित हैं और किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं।
क्या राज्य सरकार ने इस मामले में जांच की घोषणा की है?
अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई औपचारिक जांच घोषणा नहीं की गई है। संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताया है कि वे इस मामले में कार्रवाई करेंगे, लेकिन सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विपक्षी दलों ने इस मांग पर क्या रुख अपनाया है?
संतों के अनुसार, अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अजय राय सहित विपक्षी नेताओं ने वक्फ बोर्ड घोटाले के आरोपों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विपक्ष की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले