PM मोदी ने स्वीडन दौरे में टैगोर की रचनाएं, लोकटक टी और शांतिनिकेतन बैग भेंट किए

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PM मोदी ने स्वीडन दौरे में टैगोर की रचनाएं, लोकटक टी और शांतिनिकेतन बैग भेंट किए

सारांश

PM मोदी ने स्वीडन दौरे में हर उपहार के ज़रिए भारत की एक अलग कहानी सुनाई — टैगोर की कलम से लेकर मणिपुर की झील तक, लद्दाख की पश्मीना से लेकर गोंड जनजाति के रंगों तक। यह सांस्कृतिक कूटनीति का वह रूप था जिसमें भारत की विविधता ही सबसे बड़ा राजदूत बनी।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 21 मई 2025 को स्वीडन दौरे में पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन और क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को भारतीय सांस्कृतिक उपहार भेंट किए।
क्रिस्टर्सन को रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं का संकलन 'वर्ड्स ऑफ मास्टर' , GI-संरक्षित शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग , मणिपुर की लोकटक टी और लद्दाखी पश्मीना स्टोल दी गई।
क्राउन प्रिंसेस को मध्य प्रदेश की गोंड पेंटिंग और पीएम मोदी की लिखित पुस्तक 'कनविनिएंट एक्शन: कंटिन्यूटी फॉर चेंज' भेंट की गई।
शांतिनिकेतन लेदर शिल्प बीरभूम जिले के सैकड़ों कारीगरों को आजीविका देता है और भौगोलिक संकेत (GI) से संरक्षित है।
लोकटक टी पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील के किनारे रसायन-मुक्त सामुदायिक खेती से तैयार होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन दौरे के दौरान वहां के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को भारत की साहित्यिक, सांस्कृतिक और शिल्प विरासत से सजे अनूठे उपहार भेंट किए। 21 मई 2025 को संपन्न हुई इस पाँच देशों की यात्रा में स्वीडन भी शामिल था — जिसे दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिना जाता है। हर उपहार भारत की विविध धरोहर का एक अलग अध्याय था।

टैगोर की रचनाएं और शांतिनिकेतन शिल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने उल्फ क्रिस्टर्सन को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं का संकलन 'वर्ड्स ऑफ मास्टर' भेंट किया। गुरुदेव टैगोर को 1913 में उनकी कृति 'गीतांजलि' के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था — वे यह सम्मान पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय थे। यह संग्रह सत्य, प्रेम और स्वतंत्रता पर उनके विचारों को संक्षिप्त और चिंतनशील रूप में प्रस्तुत करता है।

गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार परंपरा और स्वीडन से जुड़े बौद्धिक इतिहास के कारण टैगोर का स्वीडन से एक विशेष संबंध रहा है। यह उपहार दोनों देशों के बीच ज्ञान और रचनात्मकता के साझा सम्मान का प्रतीक बना।

इसके साथ ही क्रिस्टर्सन को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में निर्मित हस्तनिर्मित शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग भी भेंट किया गया। यह एक भौगोलिक संकेत (GI) संरक्षित शिल्प है, जो बीरभूम के सैकड़ों कारीगरों को आजीविका प्रदान करता है। शांतिनिकेतन का लेदर आर्ट टैगोर की कलात्मक दृष्टि और समकालीन फैशन के बीच एक सेतु का काम करता है।

मणिपुर की लोकटक टी — पूर्वोत्तर की अनूठी भेंट

स्वीडिश प्रधानमंत्री को मणिपुर की प्रसिद्ध लोकटक टी भी उपहार में दी गई। लोकटक झील पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है और इसके आसपास की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली यह चाय सामुदायिक और रसायन-मुक्त खेती से तैयार होती है। झील के तैरते 'फुमदी' द्वीपों और धुंध से ढके वातावरण के बीच पली यह चाय अपने विशिष्ट स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है।

लद्दाख की पश्मीना स्टोल — हिमालय की आत्मा

स्वीडिश प्रधानमंत्री को लद्दाख की शुद्ध ऊन से बुनी पश्मीना स्टोल भी भेंट की गई। यह स्टोल 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले चांगथांग पठार में पाई जाने वाली चांगथांगी बकरियों के मुलायम ऊन से तैयार होती है। स्थानीय महिलाएं इस ऊन को हाथ से कातती हैं और पारंपरिक करघों पर पीढ़ियों से चली आ रही तकनीकों से बुनती हैं। प्राकृतिक रंगों और स्थानीय उत्पादन के कारण यह शिल्प पूरी तरह टिकाऊ और प्रामाणिक है।

क्राउन प्रिंसेस को गोंड पेंटिंग और पीएम की पुस्तक

क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को मध्य प्रदेश की गोंड जनजाति की जीवंत पारंपरिक गोंड पेंटिंग भेंट की गई। गोंड कलाकार बारीक रेखाओं, बिंदुओं और चमकीले रंगों के माध्यम से पशु-पक्षियों, जंगलों और प्रकृति को जीवंत रूप देते हैं। इस कला की मान्यता है कि 'अच्छी छवि देखने से सौभाग्य आता है' — और इसी विश्वास से यह त्योहारों व धार्मिक अवसरों पर दीवारों और फर्शों पर बनाई जाती रही है।

इसके अलावा क्राउन प्रिंसेस को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिखित पुस्तक 'कनविनिएंट एक्शन: कंटिन्यूटी फॉर चेंज' भी भेंट की गई। यह पुस्तक उनके भाषणों, विचारों और नीतिगत दृष्टिकोणों का संग्रह है, जिसमें सुशासन, समावेशी विकास और प्रशासनिक दक्षता जैसे विषयों पर चर्चा है।

उपहारों का कूटनीतिक संदेश

इन उपहारों की विशेषता यह रही कि हर वस्तु भारत के किसी न किसी विशिष्ट क्षेत्र और समुदाय की पहचान से जुड़ी थी — बंगाल के कारीगर, मणिपुर के चाय किसान, लद्दाख की महिला बुनकर और मध्य प्रदेश के गोंड कलाकार। सांस्कृतिक कूटनीति के इस प्रयास में भारत ने अपनी विविधता को एकता के सूत्र में पिरोकर प्रस्तुत किया। आने वाले समय में इस तरह के आदान-प्रदान भारत-स्वीडन संबंधों को और गहरा करने की दिशा में सेतु का काम करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अन्यथा नीतिगत चर्चाओं में हाशिये पर रहते हैं। हालांकि, यह देखना ज़रूरी है कि क्या यह सांस्कृतिक कूटनीति इन शिल्पकारों के लिए ठोस व्यापार अवसरों में भी बदलती है, या केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन तक सीमित रहती है। भारत-स्वीडन संबंधों में नई ऊर्जा भरने के लिए सांस्कृतिक सेतु ज़रूरी है, लेकिन असली कसौटी द्विपक्षीय व्यापार और तकनीकी सहयोग के ठोस परिणामों में होगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री को क्या उपहार दिए?
PM मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन को रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं का संकलन 'वर्ड्स ऑफ मास्टर', GI-संरक्षित शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग, मणिपुर की लोकटक टी और लद्दाखी पश्मीना स्टोल भेंट किए। ये सभी उपहार भारत के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक और शिल्प विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
लोकटक टी क्या है और यह खास क्यों है?
लोकटक टी मणिपुर में लोकटक झील — पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील — के आसपास की पहाड़ियों में उगाई जाती है। यह सामुदायिक और रसायन-मुक्त खेती से तैयार होती है, और झील के तैरते 'फुमदी' द्वीपों व धुंध भरे वातावरण के कारण इसका स्वाद और शुद्धता विशिष्ट मानी जाती है।
शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग का क्या महत्व है?
शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हाथ से बना एक भौगोलिक संकेत (GI) संरक्षित शिल्प है। यह बीरभूम के सैकड़ों कारीगरों की आजीविका का साधन है और टैगोर की कलात्मक दृष्टि तथा आधुनिक फैशन के बीच एक सेतु का काम करता है।
क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को कौन से उपहार दिए गए?
क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को मध्य प्रदेश की गोंड जनजाति की पारंपरिक गोंड पेंटिंग और PM मोदी की लिखित पुस्तक 'कनविनिएंट एक्शन: कंटिन्यूटी फॉर चेंज' भेंट की गई। गोंड पेंटिंग बारीक रेखाओं और चमकीले रंगों से प्रकृति को जीवंत करती है।
मोदी की स्वीडन यात्रा किस संदर्भ में हुई?
यह यात्रा PM मोदी की पाँच देशों की यात्रा का हिस्सा थी, जिसमें चार यूरोपीय देश शामिल थे। स्वीडन को दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिना जाता है। इस दौरे में सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से भारत-स्वीडन संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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