मनीष पांडे की 33 गेंदों में 45 रन की पारी, चार मैच बाद मिले मौके को भुनाया
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बल्लेबाज मनीष पांडे ने बुधवार को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ खेले गए आईपीएल मुकाबले में 33 गेंदों में 45 रन की दमदार पारी खेली और KKR को 4 विकेट से जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। पांडे ने बताया कि वह पिछले चार मैचों से पैड पहनकर अपने मौके का इंतजार कर रहे थे।
चार मैच की प्रतीक्षा के बाद मिला मौका
मनीष पांडे को इस सीजन में शुरुआती मैचों में बल्लेबाजी क्रम में नीचे रखा गया था। KKR के हेड कोच अभिषेक नायर के साथ बातचीत में पांडे ने कहा, 'मेरे लिए यह बहुत अच्छा मौका था। चार मैच तक, मैं पैड पहनकर अपने मौके का इंतजार कर रहा था। हालांकि, मुझे लगता है कि पिछले चार मुकाबलों में हमने जिस तरह से बैटिंग की वह जबरदस्त थी और आपने मुझे बल्लेबाजी क्रम में नीचे की तरफ रखा, जो एक ठीक फैसला था।'
रहाणे और पॉवेल संग अहम साझेदारियाँ
नंबर तीन पर उतरे पांडे ने चेज के दौरान कप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ 38 रन और रोवमैन पॉवेल के साथ 64 रन की साझेदारी की। इन दोनों पार्टनरशिप ने KKR को उस मुकाम पर पहुँचाया जहाँ आखिरी 25 गेंदों पर केवल 25 रन चाहिए थे। पांडे ने रहाणे के मार्गदर्शन को श्रेय देते हुए कहा, 'रहाणे मुझे छोटी पार्टनरशिप करने और गेंद को करीब से देखने के बारे में बताते रहे। मैंने वही किया।'
गेम प्लान और तैयारी
पांडे ने खुलासा किया कि जैसे ही उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मानसिक तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा, 'जब मुझे बताया गया कि मैं नंबर तीन पर बैटिंग करूंगा, तो मैंने ग्राउंड से बाहर आते ही खुद को तैयार करना शुरू कर दिया। यही गेम प्लान है — मौके का इस्तेमाल बाएं, दाएं और बीच में करते हैं।'
प्रोसेस पर भरोसा
घरेलू सीजन के बाद आईपीएल में कम मौके मिलने के बावजूद पांडे ने अपनी फिटनेस और नेट प्रैक्टिस पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने कहा, 'यह रोज की प्रक्रिया है। मेरे लिए, यह फिटनेस पर काम करने और विकेट पर समय बिताने के बारे में था। प्रोसेस बहुत जरूरी है — आपको कभी नहीं पता होता कि मौका कब आएगा, और आपको इसे दोनों तरफ से पकड़ना होता है।'
प्लेऑफ की उम्मीदें जीवित
मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराकर कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल प्लेऑफ में अपनी दावेदारी को मजबूत बनाए रखा है। इस जीत में मनीष पांडे की पारी और उनकी साझेदारियाँ टीम के लिए निर्णायक साबित हुईं।