शिरडी में रामनवमी उत्सव की धूम, साईभक्तों का जयघोष और भव्य आयोजन

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शिरडी में रामनवमी उत्सव की धूम, साईभक्तों का जयघोष और भव्य आयोजन

सारांश

शिरडी में ११५वां श्रीरामनवमी उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, जिसमें साईभक्त बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। यह उत्सव २५ से २७ मार्च २०२६ तक चलेगा, जिसमें भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय दृश्य देखने को मिल रहा है।

Key Takeaways

  • ११५वां श्रीरामनवमी उत्सव शिरडी में धूमधाम से मनाया जा रहा है।
  • साईभक्तों की बड़ी संख्या ने इस उत्सव को भव्यता दी है।
  • काकड़ आरती और शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है।
  • मंदिर परिसर को विद्युत रोशनी से सजाया गया है।
  • समस्त व्यवस्थाओं में प्रशासनिक अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।

शिरडी, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट (शिरडी) द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी ११५वां श्रीरामनवमी उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह उत्सव बुधवार, २५ मार्च से शुक्रवार, २७ मार्च २०२६ तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में साईभक्त शिर्डी पहुँच रहे हैं।

उत्सव के पहले दिन, बुधवार को प्रातः ५:१५ बजे श्री साईबाबा की काकड़ आरती का आयोजन हुआ। इस पावन और मंगलमय आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भाग लिया। इसके बाद सुबह ५:४५ बजे श्री की पोथी और प्रतिमा की पारंपरिक शोभायात्रा बड़े उत्साह के साथ निकाली गई। ढोल-ताशों की गूंज, ताल-मृदंग की धुन और 'साईराम' के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है, जिससे उत्सव की भव्यता और बढ़ गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संस्थान ने विभिन्न व्यवस्थाएं की हैं। दर्शन के लिए सुचारु योजना, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए संस्थान की तदर्थ समिति के अध्यक्ष एवं प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश शिवाजीराव कचरे, समिति सदस्य एवं जिलाधिकारी डॉ. पंकज आशिया (आईएएस), मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर (आईएएस) तथा उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भिमराज दराडे के मार्गदर्शन में सभी प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा विभाग, विभिन्न विभागों के प्रमुख और कर्मचारी निरंतर प्रयासरत हैं।

पूरे शिर्डी नगर में इस दौरान अत्यंत श्रद्धामय और उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिल रहा है। सुबह के समय भी मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। लोग दूरदराज से साईबाबा के दर्शन करने आ रहे हैं। इस प्रकार 'साईराम' के नामस्मरण से पूरा क्षेत्र गूंज उठा है। श्रद्धालुओं की यही आस्था, उत्साह और भक्ति श्रीरामनवमी उत्सव को विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व प्रदान करती है।

Point of View

बल्कि यह सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। शिर्डी में इस समय भक्तों की भीड़ और उत्साह साफ दर्शाता है कि साईबाबा की भक्ति में एक अद्भुत शक्ति है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

कब से कब तक श्रीरामनवमी उत्सव मनाया जा रहा है?
यह उत्सव २५ मार्च से २७ मार्च २०२६ तक मनाया जा रहा है।
इस उत्सव में कितने श्रद्धालु आते हैं?
देश-विदेश से बड़ी संख्या में साईभक्त इस उत्सव में शामिल होने हेतु शिर्डी आते हैं।
काकड़ आरती का समय क्या है?
काकड़ आरती का आयोजन सुबह ५:१५ बजे किया जाता है।
उत्सव की भव्यता कैसे बढ़ाई गई है?
मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है।
इस उत्सव को सफल बनाने में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
इसमें शिवाजीराव कचरे, डॉ. पंकज आशिया, गोरक्ष गाडीलकर और भिमराज दराडे शामिल हैं।
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