डीके शिवकुमार का छात्रों से आह्वान: IISc, ISRO और HAL की विरासत को आगे बढ़ाएं
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार, 1 जून 2026 को नए शैक्षणिक वर्ष के अवसर पर राज्य के छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने बेंगलुरु में दिए अपने संबोधन में कहा कि कर्नाटक की शैक्षिक समृद्धि दुनिया भर में पहचानी जाती है।
कर्नाटक की शैक्षिक विरासत
शिवकुमार ने रेखांकित किया कि देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित संस्थान — IISc, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), ISRO और HAL — कर्नाटक की धरती पर स्थित हैं। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक की समृद्ध शैक्षिक विरासत दुनिया भर से लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती है।' राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट वैज्ञानिक, वकील, प्रोफेसर और पेशेवर तैयार किए हैं।
छात्रों को प्रेरणा संदेश
शिवकुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उनसे शहरी छात्रों की तुलना में खुद को कमतर न आँकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'किसी भी छात्र को अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। अपनी तुलना दूसरों से न करें।' उन्होंने SSLC (कक्षा 10) परीक्षा परिणामों को राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण बताया।
AI और शिक्षा नीति पर संकेत
शिवकुमार ने तकनीक और नवाचार के नए युग का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब शिक्षा के परिदृश्य को बदल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि वे आने वाले दिनों में AI के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा पर राज्य की शिक्षा नीति के बारे में अपने विचार और योजनाएं साझा करेंगे।
हिजाब-भगवा शॉल विवाद से दूरी
जब उनसे हिजाब और भगवा शॉल विवाद पर टिप्पणी माँगी गई, तो शिवकुमार ने इस मुद्दे पर तत्काल बयान देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'चाहे वह भगवा शॉल हो या तिरंगा शॉल, हम सही समय पर इस पर चर्चा करेंगे। यह इस मामले पर चर्चा करने का समय नहीं है।' गौरतलब है कि यह विवाद कर्नाटक में पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
सरकार की प्रतिबद्धता
शिवकुमार ने आश्वासन दिया कि वर्तमान और भविष्य की सरकारें छात्रों को समर्थन देना जारी रखेंगी और पूरे राज्य में शैक्षिक अवसरों को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगी। उन्होंने कहा, 'हम शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने और उसे एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है और राज्य में शिक्षा सुधारों पर व्यापक बहस चल रही है।