22 अगस्त 2026
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शिवसेना का केरल विस्तार: शायना एनसी का दावा — 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए जीतेगा

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शिवसेना का केरल विस्तार: शायना एनसी का दावा — 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए जीतेगा

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने तिरुवनंतपुरम में बड़ा दावा किया — केरल की सभी 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए जीत दर्ज करेगा। महाराष्ट्र में 13 सांसद और 60 विधायकों की ताकत के साथ पार्टी दक्षिण भारत में पाँव पसार रही है।

मुख्य बातें

शायना एनसी ने 22 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में कहा कि शिवसेना पूरे देश में संगठन विस्तार कर रही है।
दावा किया कि केरल की 20 लोकसभा सीटों पर आने वाले चुनावों में एनडीए के सांसद निर्वाचित होंगे।
शिवसेना 1996 से केरल में रक्तदान शिविरों और एम्बुलेंस सेवाओं के ज़रिए सक्रिय है।
महाराष्ट्र में शिवसेना के पास फिलहाल 13 सांसद और 60 विधायक हैं।
सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने पीएम श्री योजना को स्वीकार नहीं किया, जबकि अन्य सभी राज्यों ने मंजूरी दे दी है।

शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की प्रवक्ता शायना एनसी ने 22 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में कहा कि पार्टी केरल सहित पूरे देश में अपना संगठनात्मक विस्तार तेज़ कर रही है, और दावा किया कि आने वाले चुनावों में केरल की 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए के सांसद निर्वाचित होंगे।

शायना एनसी का बयान: विस्तार की रणनीति

शायना एनसी ने कहा, 'हमारे जन-नेता एकनाथ शिंदे और युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. श्रीकांत शिंदे ने यह सुनिश्चित किया है कि शिवसेना लगातार मजबूत हो और इसीलिए हम पूरे देश में विस्तार कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि शिवसेना 1996 से केरल में रक्तदान शिविरों, एम्बुलेंस सेवाओं और हर जिले में पदाधिकारियों के माध्यम से सक्रिय रही है।

उन्होंने महाराष्ट्र में पार्टी की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ अभी 13 सांसद और 60 विधायक हैं, और स्थानीय निकाय चुनावों में भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

केरल में एनडीए की संभावनाएँ

शायना एनसी ने केरल विधानसभा में एनडीए के तीन विधायकों की उपस्थिति को उत्साहजनक बताते हुए कहा, 'यह तो बस एक ट्रेलर है। आने वाले दिनों में एक से अधिक सांसद यहाँ से चुने जाएंगे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का एजेंडा हिंदुत्व और विकास — दोनों पर एक साथ केंद्रित है। उनके अनुसार, 'विकसित भारत' की परिकल्पना हर राज्य के विकास से शुरू होती है।

भाजपा का रुख: पीएम श्री योजना पर केरल सरकार पर निशाना

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने केरल की वी.डी. सतीशन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार 'चरमपंथी ताकतों, जमात-ए-इस्लामी, मुस्लिम लीग और कट्टरपंथी तत्वों के दबाव में है।' सुरेंद्रन ने कहा कि केरल को छोड़कर बाकी सभी राज्यों ने पीएम श्री योजना को मंजूरी दे दी है — यहाँ तक कि कांग्रेस-शासित कर्नाटक और राजस्थान ने भी अपने कार्यकाल में इसकी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली थीं।

आगे क्या

शिवसेना का यह केरल विस्तार अभियान ऐसे समय में आया है जब एनडीए दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि केरल परंपरागत रूप से वाम मोर्चे और कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। पार्टी के दावों की असली परीक्षा अगले लोकसभा चुनावों में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत से इसकी दूरी स्पष्ट है — केरल में एनडीए 2024 के लोकसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाया था। शिवसेना की 1996 से केरल में उपस्थिति का दावा संगठनात्मक गहराई की बजाय प्रतीकात्मक सेवा-कार्य तक सीमित रहा है। पीएम श्री योजना पर केरल सरकार को घेरने की रणनीति भाजपा के लिए एक सुविधाजनक राजनीतिक आख्यान है, लेकिन इसका चुनावी रूपांतरण अभी साबित होना बाकी है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसेना केरल में विस्तार क्यों कर रही है?
शिवसेना के नेतृत्व का मानना है कि हिंदुत्व और विकास के एजेंडे के साथ दक्षिण भारत में भी पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ाई जा सकती है। प्रवक्ता शायना एनसी के अनुसार, एकनाथ शिंदे और डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
केरल में शिवसेना कब से सक्रिय है?
शायना एनसी के अनुसार, शिवसेना 1996 से केरल में रक्तदान शिविरों, एम्बुलेंस सेवाओं और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के माध्यम से काम कर रही है। हालाँकि, राज्य में पार्टी की चुनावी उपस्थिति अब तक सीमित रही है।
केरल विधानसभा में एनडीए की क्या स्थिति है?
शायना एनसी के अनुसार, केरल विधानसभा में एनडीए के तीन विधायक हैं और शिवसेना का इन्हें समर्थन प्राप्त है। पार्टी इसे भविष्य के लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत की नींव मान रही है।
पीएम श्री योजना को लेकर केरल पर क्या आरोप लगाए गए?
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि केरल की वी.डी. सतीशन सरकार ने पीएम श्री योजना को मंजूरी नहीं दी, जबकि देश के बाकी सभी राज्यों — यहाँ तक कि पूर्व में कांग्रेस-शासित कर्नाटक और राजस्थान — ने भी इसे स्वीकार किया था।
महाराष्ट्र में शिवसेना की मौजूदा राजनीतिक ताकत कितनी है?
शायना एनसी के अनुसार, महाराष्ट्र में शिवसेना के पास वर्तमान में 13 सांसद और 60 विधायक हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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