शिवसेना का केरल विस्तार: शायना एनसी का दावा — 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए जीतेगा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की प्रवक्ता शायना एनसी ने 22 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में कहा कि पार्टी केरल सहित पूरे देश में अपना संगठनात्मक विस्तार तेज़ कर रही है, और दावा किया कि आने वाले चुनावों में केरल की 20 लोकसभा सीटों पर एनडीए के सांसद निर्वाचित होंगे।
शायना एनसी का बयान: विस्तार की रणनीति
शायना एनसी ने कहा, 'हमारे जन-नेता एकनाथ शिंदे और युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. श्रीकांत शिंदे ने यह सुनिश्चित किया है कि शिवसेना लगातार मजबूत हो और इसीलिए हम पूरे देश में विस्तार कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि शिवसेना 1996 से केरल में रक्तदान शिविरों, एम्बुलेंस सेवाओं और हर जिले में पदाधिकारियों के माध्यम से सक्रिय रही है।
उन्होंने महाराष्ट्र में पार्टी की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ अभी 13 सांसद और 60 विधायक हैं, और स्थानीय निकाय चुनावों में भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
केरल में एनडीए की संभावनाएँ
शायना एनसी ने केरल विधानसभा में एनडीए के तीन विधायकों की उपस्थिति को उत्साहजनक बताते हुए कहा, 'यह तो बस एक ट्रेलर है। आने वाले दिनों में एक से अधिक सांसद यहाँ से चुने जाएंगे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का एजेंडा हिंदुत्व और विकास — दोनों पर एक साथ केंद्रित है। उनके अनुसार, 'विकसित भारत' की परिकल्पना हर राज्य के विकास से शुरू होती है।
भाजपा का रुख: पीएम श्री योजना पर केरल सरकार पर निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने केरल की वी.डी. सतीशन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार 'चरमपंथी ताकतों, जमात-ए-इस्लामी, मुस्लिम लीग और कट्टरपंथी तत्वों के दबाव में है।' सुरेंद्रन ने कहा कि केरल को छोड़कर बाकी सभी राज्यों ने पीएम श्री योजना को मंजूरी दे दी है — यहाँ तक कि कांग्रेस-शासित कर्नाटक और राजस्थान ने भी अपने कार्यकाल में इसकी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली थीं।
आगे क्या
शिवसेना का यह केरल विस्तार अभियान ऐसे समय में आया है जब एनडीए दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि केरल परंपरागत रूप से वाम मोर्चे और कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। पार्टी के दावों की असली परीक्षा अगले लोकसभा चुनावों में होगी।