26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिद्दारमैया का बड़ा फैसला: 2028 कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, 50 साल बाद चुनावी राजनीति से विदाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिद्दारमैया का बड़ा फैसला: 2028 कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, 50 साल बाद चुनावी राजनीति से विदाई

सारांश

50 साल की सक्रिय राजनीति के बाद सिद्दारमैया ने एक्स पर ऐलान किया कि वे 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। समर्थकों की अपील के बावजूद वे अपने फैसले पर अडिग रहे। अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल है — 2028 में राज्य का नेतृत्व कौन करेगा?

मुख्य बातें

सिद्दारमैया ने 26 जुलाई 2026 को एक्स पर घोषणा की कि वे 2028 कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
50 वर्षों के राजनीतिक जीवन के बाद चुनावी राजनीति से संन्यास का संकेत; समाजसेवा जारी रखने की बात कही।
मांड्या में केआर पेटे कृष्णा जयंती कार्यक्रम में समर्थकों की अपील के बावजूद फैसले पर अडिग रहे।
कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 13 मई 2028 को समाप्त होगा; विधानसभा में कुल 224 सीटें , बहुमत के लिए 113 आवश्यक।
कांग्रेस में 2028 चुनाव के लिए नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने 26 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट कर दिया कि वे 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। 50 वर्षों के सक्रिय राजनीतिक जीवन के बाद यह घोषणा कर्नाटक की राजनीति में एक युगांत का संकेत मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे चुनावी राजनीति से किनारा करेंगे, लेकिन सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

मांड्या में किया ऐलान, समर्थकों ने की वापसी की अपील

सिद्दारमैया ने यह बात मांड्या में आयोजित दिवंगत केआर पेटे कृष्णा की जयंती कार्यक्रम के दौरान भी दोहराई। कार्यक्रम में उपस्थित समर्थकों ने उनसे यह फैसला बदलने और कम से कम एक दशक और सक्रिय राजनीति में बने रहने की अपील की, लेकिन सिद्दारमैया अपने निर्णय पर अडिग रहे। उन्होंने संकेत दिया कि 2028 का चुनाव उनके राजनीतिक सफर का अंतिम पड़ाव भी नहीं होगा — बल्कि वे उससे पहले ही चुनावी राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

कर्नाटक विधानसभा: संख्याओं का संदर्भ

कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 निर्वाचित सीटें हैं, जिनमें 36 सीटें अनुसूचित जाति और 15 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 113 सीटों का बहुमत आवश्यक है। मौजूदा विधानसभा का पाँच वर्षीय कार्यकाल 13 मई 2028 को समाप्त होगा, जिसके बाद चुनाव होने की संभावना है।

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर उठे सवाल

सिद्दारमैया के इस फैसले के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावी रणनीति किस दिशा में जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के मध्य में है और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें पहले से चल रही हैं।

50 साल की राजनीतिक यात्रा का पड़ाव

गौरतलब है कि सिद्दारमैया लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में रहे हैं। वे राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और ओबीसी राजनीति के प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं। उनके चुनावी राजनीति से हटने की घोषणा को राज्य में एक पीढ़ीगत बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में कांग्रेस किस नाम को आगे करती है, यह कर्नाटक की राजनीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि कांग्रेस नेतृत्व इस रिक्तता को कैसे और कितनी जल्दी भरती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्दारमैया ने 2028 चुनाव न लड़ने का फैसला क्यों किया?
सिद्दारमैया ने कहा कि 50 साल के सक्रिय राजनीतिक जीवन के बाद वे चुनावी राजनीति से किनारा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
सिद्दारमैया ने यह घोषणा कहाँ और कब की?
यह घोषणा उन्होंने 26 जुलाई 2026 को एक्स पर पोस्ट के ज़रिए की और मांड्या में केआर पेटे कृष्णा जयंती कार्यक्रम में भी इसे दोहराया।
2028 कर्नाटक विधानसभा चुनाव कब होंगे?
मौजूदा कर्नाटक विधानसभा का पाँच वर्षीय कार्यकाल 13 मई 2028 को समाप्त होगा। इसके बाद नई विधानसभा के गठन के लिए चुनाव कराए जाएँगे, जो कथित तौर पर मई 2028 तक होने की संभावना है।
सिद्दारमैया के हटने के बाद कर्नाटक कांग्रेस का नेतृत्व कौन करेगा?
अभी तक कांग्रेस ने कोई आधिकारिक नाम सामने नहीं रखा है। सिद्दारमैया के फैसले के बाद पार्टी के भीतर 2028 के लिए नए नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कर्नाटक विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं और बहुमत के लिए कितनी चाहिए?
कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 निर्वाचित सीटें हैं — जिनमें 36 सीटें अनुसूचित जाति और 15 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए 113 सीटों का बहुमत आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 40 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले