सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को मिली जमानत
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दी।
- इन पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
- लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
- पवन ने खुद को निर्दोष बताया है।
- सिद्धू की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी।
मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिका को सुनने के बाद दोनों को राहत प्रदान की है।
कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत देने का फैसला किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों को राहत देते हुए जमानत मंजूर की है। इन दोनों पर 2022 में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगे हैं। पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर शूटरों को बोलेरो गाड़ी उपलब्ध कराने का आरोप है, और चार्जशीट में इनका संबंध बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जोड़ा गया है।
इससे पहले, 2023 में, पवन बिश्नोई और जगतार सिंह ने मनसा की स्थानीय अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। पवन बिश्नोई ने अपना पक्ष पेश करते हुए खुद को निर्दोष बताया और कहा कि पुलिस उन्हें गलत तरीके से फंसाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, सरकारी पक्ष ने इस मामले में जमानत का विरोध करते हुए इसे गंभीर अपराध बताया था।
गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी। गायक जब अपने घर से थोड़ी ही दूर निकले थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग की और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर ली थी। उन्होंने इस हत्या को अपने भाई विक्की मिड्डखेड़ा की मौत का बदला बताया था।
विक्की मिड्डखेड़ा की हत्या के बाद पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि जिन शूटर्स ने विक्की की हत्या की थी, उन्हें गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने ठहरने के लिए जगह दी थी। इसके बाद ही गायक बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गए थे।