क्या केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने 80 करोड़ की अगरवुड वैल्यू चेन योजना का शिलान्यास किया?
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अगरतला, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को त्रिपुरा के उत्तर फुलबारी में 80 करोड़ रुपये की अगरवुड वैल्यू चेन विकास योजना का शिलान्यास किया।
इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के दृष्टिकोण के अंतर्गत है। वे इस यात्रा पर इस क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ लेकर आए हैं, जिनमें से कुछ का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया था, जबकि आज अगरवुड वैल्यू चेन का शिलान्यास किया गया है और कल मातबारी टूरिज्म सर्किट के रूप में एक और बड़ी सौगात दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में अगरवुड उत्पादन की क्षमता मुख्यतः त्रिपुरा और असम में है, और इस योजना के माध्यम से इन दोनों राज्यों की ताकत को नई ऊर्जा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत खेतों में पेड़ से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में परफ्यूम की बोतल तक अगरवुड की संपूर्ण वैल्यू चेन को सशक्त किया जाएगा।
सिंधिया ने कहा कि इस योजना में दो सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से एक गोलाघाट (असम) में और दूसरा त्रिपुरा के इसी क्षेत्र में होगा। इन केंद्रों के माध्यम से प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की समग्र व्यवस्था को विकसित किया जाएगा, जिससे बिचौलियों को हटाकर किसानों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगरवुड सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, निर्यात कोटा को छह गुना बढ़ाया गया है, चिप्स का उत्पादन 25,000 किग्रा से बढ़ाकर 1.5 लाख किग्रा किया गया है, और ऑयल का उत्पादन 1,500 किग्रा से बढ़ाकर 7,500 किग्रा किया गया है। इसके साथ ही, साइट्स और अनुमतियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है, ताकि किसान सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि उद्देश्य स्पष्ट है, बिचौलियों को हटाना और पूरा लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाना।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ का सबसे सशक्त उदाहरण फुलबारी का अगरवुड सेक्टर है।
उन्होंने बताया कि देश में लगभग 15 करोड़ अगरवुड के पेड़ हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत उत्तर-पूर्वी राज्यों में हैं। इस योजना के माध्यम से त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है।