सिंथन टॉप पर बर्फबारी में फंसे 200 से अधिक पर्यटकों का सफल रेस्क्यू

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सिंथन टॉप पर बर्फबारी में फंसे 200 से अधिक पर्यटकों का सफल रेस्क्यू

सारांश

भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। यह अभियान चुनौतीपूर्ण मौसम में चलाया गया और सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।

Key Takeaways

  • सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना और पुलिस का संयुक्त प्रयास।
  • चुनौतीपूर्ण मौसम में सफल रेस्क्यू अभियान।
  • सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी का प्रभाव।
  • कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में भी बर्फबारी की जानकारी।
  • सड़कें बंद होने का प्रभाव।

श्रीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित सिन्थन टॉप पर भारी बर्फबारी के कारण फंसे हुए 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित रूप से निकाला गया है। यह बचाव अभियान भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया।

भारतीय सेना के अनुसार, 19 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (अनंतनाग) के सहयोग से सिन्थन दर्रे पर बचाव कार्य आरंभ किया। यह कदम तब उठाया गया जब लगातार बर्फबारी, सड़कों की फिसलन और कम दृश्यता के कारण कई वाहन और यात्री वहां फंस गए थे।

कठिन मौसम की स्थिति और दुर्गम रास्तों का सामना करते हुए, यह संयुक्त टीम 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में सफल रही। भारतीय सेना ने बताया कि यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया गया, जिससे इस ऊँचे पहाड़ी दर्रे पर फंसे सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

कश्मीर घाटी के विभिन्न प्रमुख शहरों में मौसम ठंडा बना हुआ है। सोमवार को गुलमर्ग में तापमान लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहाँ हवा शांत रही और आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। जम्मू शहर में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा और लगभग 20.4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि आर्द्रता 94 प्रतिशत रही। पहलगाम में तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

श्रीनगर शहर में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहाँ उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 3.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और आर्द्रता 94 प्रतिशत रही। बनिहाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कटरा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण रविवार को तापमान में भारी गिरावट आई, जिससे फरवरी के बाद पहली बार तापमान सामान्य से नीचे चला गया। पीर की गली, सिन्थन टॉप, मरगन टॉप, गुलमर्ग और अन्य ऊँचे इलाकों में 4 से 6 इंच तक बर्फबारी हुई।

रास्तों के फिसलन भरे होने के कारण, कश्मीर को कारगिल और लेह से जोड़ने वाली गुरेज-बांदीपोरा सड़क और सोनमर्ग-जोजिला सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। पुलिस प्रशासन ने कश्मीर को पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाली मुगल रोड को भी बंद कर दिया।

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी की सूचना मिली है, जिसमें मरवाह और वारवान की जुड़वां घाटियां शामिल हैं।

Point of View

तो रक्षा बल और स्थानीय प्रशासन मिलकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। यह एक सकारात्मक उदाहरण है कि कैसे सामूहिक प्रयासों से कठिनाईयों का सामना किया जा सकता है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

सिंथन टॉप पर क्या हुआ?
सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के कारण 200 से अधिक पर्यटक फंस गए थे, जिन्हें भारतीय सेना और पुलिस ने सुरक्षित निकाला।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
इस बचाव अभियान में भारतीय सेना के 19 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थे।
क्या मौसम की स्थिति थी?
सिंथन टॉप पर मौसम बेहद कठिन था, जिसमें भारी बर्फबारी, कम दृश्यता और फिसलन भरे रास्ते शामिल थे।
बर्फबारी का तापमान क्या था?
गुलमर्ग में तापमान लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
क्या अन्य क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई?
हाँ, जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई।
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