क्या एसआईआर के दूसरे चरण में 99.43 प्रतिशत मतदाताओं तक न्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा?

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क्या एसआईआर के दूसरे चरण में 99.43 प्रतिशत मतदाताओं तक न्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा?

सारांश

नई दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत, चुनाव आयोग ने 99.43 प्रतिशत मतदाताओं को न्यूमरेशन फॉर्म वितरित करने की जानकारी दी है। इस प्रक्रिया का डिजिटाइजेशन भी तेजी से हो रहा है। मतदाता अगले एक सप्ताह में अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं।

मुख्य बातें

एसआईआर प्रक्रिया में 99.43 प्रतिशत फॉर्म वितरित हुए हैं।
37 करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
यह अभियान 4 नवंबर से शुरू हुआ था।
मतदाता अगले 7 दिनों में फॉर्म जमा कर सकते हैं।
12 राज्यों में बीएलओ और बीएलए सक्रिय हैं।

नई दिल्ली, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से प्रगति कर रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में जानकारी दी है कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है।

12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं का 99.43 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि लगभग सभी मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त हो चुका है।

यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी लगभग एक सप्ताह शेष है, जिससे मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 77.80 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किया जा चुका है।

गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुका है।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।

यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से आगे बढ़ रहा है।

इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करें ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी हो सके।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें।

विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए सभी को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य क्या है?
मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाताओं की जानकारी को अपडेट करना और सुनिश्चित करना है कि सही जानकारी चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो।
न्यूमरेशन फॉर्म कैसे प्राप्त करें?
मतदाता अपने स्थानीय चुनाव कार्यालय से न्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं या ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया का महत्व क्या है?
डिजिटाइजेशन से मतदाता सूचियों की सटीकता और पारदर्शिता में सुधार होता है, जो चुनावी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाता है।
क्या सभी राज्यों में यह प्रक्रिया समान है?
हाँ, यह अभियान सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से चल रहा है।
मतदाता अपने फॉर्म कब तक जमा कर सकते हैं?
मतदाता अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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