क्या वैश्विक तनाव के बीच सोने-चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया?
सारांश
Key Takeaways
- सोने की कीमतें 1,59,820 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गईं।
- चांदी की कीमतें 3,59,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गईं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के मूल्य ऊँचाई पर हैं।
- बाजार की निगाहें फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक पर हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपए के बीच समर्थन मिल सकता है।
मुंबई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी डॉलर की लगातार कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं के चलते मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं।
दिन के प्रारंभिक कारोबार में सोना 2.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,59,820 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गया, जो एक नई ऊँचाई है। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आई।
वहीं, चांदी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 3,59,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
हालांकि, जब खबर लिखी जा रही थी (सुबह लगभग 10.47 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 1.45 प्रतिशत या 2,270 रुपए की वृद्धि के साथ 1,58,307 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। इसी तरह, मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 4.84 प्रतिशत यानी 16,197 रुपए की वृद्धि के साथ 3,50,896 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच चुके हैं। दुनिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की ओर बढ़ रहे हैं।
अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत नए टैरिफ की धमकियों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की कारों, लकड़ी और दवाइयों के आयात पर टैरिफ लगाने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि वह चीन के साथ समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।
अमेरिका में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुँच गए। इस समय डॉलर इंडेक्स 0.1 प्रतिशत कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया।
लगातार सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और दुनिया भर में नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीद से कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
बात करें कॉमेक्स चांदी की, तो यह 99 डॉलर के स्तर को पार कर गई है और नए रिकॉर्ड बना रही है।
इस सप्ताह अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरें नहीं बदली जाएंगी, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की संभावना है।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के निर्णय पर है। राजनीतिक दबाव की चर्चाओं ने सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेश को बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपए के बीच समर्थन मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपए पर प्रतिरोध है।
चांदी के लिए 3,38,810 और 3,22,170 रुपए समर्थन स्तर हैं, जबकि 3,55,810 और 3,62,470 रुपए पर प्रतिरोध माना जा रहा है।
एक अन्य विश्लेषक का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपए प्रति किलो तक पहुँच सकती है।
हाल की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी में तेज उछाल के बाद अब ऊँचे स्तरों पर स्थिरता या थोड़ी गिरावट भी देखी जा सकती है, क्योंकि निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।